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Kanpur News: एआईटीडी के छात्रों को मिलेगा उच्च स्तरीय शोध व प्रशिक्षण का अवसर
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कानपुर। एआईटीडी के छात्रों के लिए उच्च स्तरीय शोध और प्रशिक्षण के नए रास्ते खुल गए हैं। सीएसआईआर राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला के 80वें स्थापना दिवस पर दिल्ली में एआईटीडी और सीएसआईआर–सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (सीएसआईओ) के बीच हुए एमओयू से संस्थान के छात्रों को सीधे तौर पर बड़ा लाभ मिलेगा।
एमओयू के तहत एआईटीडी के पीएचडी शोधार्थियों को सीएसआईआर की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, उपकरणों और वैज्ञानिक संसाधनों का उपयोग करने का अवसर मिलेगा। इससे शोध की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों के साथ कार्य करने का अनुभव प्राप्त होगा। बीटेक छात्रों के लिए यह समझौता विशेष रूप से लाभकारी होगा। फाइनल ईयर प्रोजेक्ट, इंडो–स्विस सेंटर में प्रशिक्षण और हैंड्स-ऑन रिसर्च के माध्यम से छात्रों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और रोजगार की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
समझौते में स्किल डेवलपमेंट, असिस्टिव टेक्नोलॉजी और रिसर्च एंड डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी गई है, ताकि छात्र इंडस्ट्री और रिसर्च दोनों क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में एआईटीडी की निदेशक प्रो. रचना अस्थाना और सीएसआईआर–सीएसआईओ के निदेशक प्रो. शांतनु भट्टाचार्य ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। प्रो. अस्थाना ने कहा कि यह साझेदारी एआईटीडी के छात्रों के लिए कॅरिअर और शोध की नई संभावनाएं लेकर आएगी।
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एमओयू के तहत एआईटीडी के पीएचडी शोधार्थियों को सीएसआईआर की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, उपकरणों और वैज्ञानिक संसाधनों का उपयोग करने का अवसर मिलेगा। इससे शोध की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों के साथ कार्य करने का अनुभव प्राप्त होगा। बीटेक छात्रों के लिए यह समझौता विशेष रूप से लाभकारी होगा। फाइनल ईयर प्रोजेक्ट, इंडो–स्विस सेंटर में प्रशिक्षण और हैंड्स-ऑन रिसर्च के माध्यम से छात्रों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और रोजगार की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
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समझौते में स्किल डेवलपमेंट, असिस्टिव टेक्नोलॉजी और रिसर्च एंड डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी गई है, ताकि छात्र इंडस्ट्री और रिसर्च दोनों क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में एआईटीडी की निदेशक प्रो. रचना अस्थाना और सीएसआईआर–सीएसआईओ के निदेशक प्रो. शांतनु भट्टाचार्य ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। प्रो. अस्थाना ने कहा कि यह साझेदारी एआईटीडी के छात्रों के लिए कॅरिअर और शोध की नई संभावनाएं लेकर आएगी।
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