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एयरफोर्स कर्मी को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी अंतिम विदाई
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डेरापुर। चेन्नई के अवादी एयरफोर्स स्टेशन में तैनात एयरफोर्स कर्मी आकाश विश्वकर्मा का पार्थिव शरीर गुरुवार को दोपहर करीब दो बजे पैतृक गांव संदलपुर ब्लॉक क्षेत्र के फरीदपुर निटर्रा गांव में पहुंचा। गांव में शव पहुंचते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पक्का तालाब किनारे एयरफोर्स कर्मियों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद नम आंखों से आकाश को अंतिम विदाई दी गई।
वायुसेना कर्मियों की टीम एयरफोर्स कर्मी आकाश विश्वकर्मा का शव लेकर गुरुवार को संदलपुर ब्लॉक क्षेत्र के फरीदपुर निटर्रा गांव पहुंची। यहां पर शव को पक्का तालाब के किनारे रखा गया। टीम हेड ने तिरंगे में लपटे आकाश को श्रद्धांजलि देकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया। जिसके बाद ताबूत से राष्ट्रीय ध्वज को उतार कर पिता सुरेश विश्कर्मा को सुपुर्द किया गया।
दोपहर में ही शव गांव के बाहर तालाब किनारे दफना दिया गया। घटना के बारे में एयरफोर्स कर्मियों का दावा है कि आकाश ने राइफल से खुद को गोली मारी। उनका शव रविवार शाम डयूटी प्वाइंट पर 40 फीट ऊंचे टावर पर पड़ा मिला था। आकाश का 2018 मेें एयरफोर्स में चयन हुआ था। एक साल पहले उसकी पोस्टिंग चेन्नई में हुई थी।
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वहीं आकाश के पिता सुरेश विश्वकर्मा व मां मीना विश्वकर्मा का कहना है कि आकाश आत्महत्या नहीं कर सकता। उसकी हत्या की गई है। एयरफोर्स के अधिकारी घटना को आत्महत्या बताकर असली घटना को छिपा रहे हैं। बहन ममता विश्वकर्मा ने बताया कि मार्च में भाई छुट्टी पर आया था।
जिस पर उसने तैनाती स्थल पर किसी से विवाद होने की बात कही थी। घटना की जानकारी पर पिता चेन्नई एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे तो पार्थिव शरीर देने के नाम पर कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए है। परिजनों ने आकाश की हत्या किए जाने की बात कहते हुए सीबीआई जांच कराने की मांग है।
परिजन बोले, दिया जाए शहीद का दर्जा
डेरापुर। एयरफोर्स कर्मी आकाश विश्वकर्मा का शव गांव में पहुंचने पर चाचा राकेश विश्वकर्मा, नरेश, भाई रोहित, अमर, सुमित, पिता सुरेश विश्वकर्मा सहित रिश्तेदार रोते-बिलखते रहे। मृतक एयरफोर्स कर्मी के माता-पिता करीब 35 वर्ष पूर्व गांव छोड़कर कानपुर के गंगा कॉलोनी थाना बिधनू में रहने लगे थे।
गुरुवार को वह अपने परिवार के साथ बेटे का पार्थिव शरीर लेकर दफनाने वापस आए तो हर किसी की आंख नम हो गई। परिवार के लोगों ने शव लेकर आए वायुसेना कुुुर्मियों से बेटे को शहीद का दर्जा दिलाने व परिवारीजनों को अन्य सुविधाएं देने की मांग की है।
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वायुसेना कर्मियों की टीम एयरफोर्स कर्मी आकाश विश्वकर्मा का शव लेकर गुरुवार को संदलपुर ब्लॉक क्षेत्र के फरीदपुर निटर्रा गांव पहुंची। यहां पर शव को पक्का तालाब के किनारे रखा गया। टीम हेड ने तिरंगे में लपटे आकाश को श्रद्धांजलि देकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया। जिसके बाद ताबूत से राष्ट्रीय ध्वज को उतार कर पिता सुरेश विश्कर्मा को सुपुर्द किया गया।
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दोपहर में ही शव गांव के बाहर तालाब किनारे दफना दिया गया। घटना के बारे में एयरफोर्स कर्मियों का दावा है कि आकाश ने राइफल से खुद को गोली मारी। उनका शव रविवार शाम डयूटी प्वाइंट पर 40 फीट ऊंचे टावर पर पड़ा मिला था। आकाश का 2018 मेें एयरफोर्स में चयन हुआ था। एक साल पहले उसकी पोस्टिंग चेन्नई में हुई थी।
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वहीं आकाश के पिता सुरेश विश्वकर्मा व मां मीना विश्वकर्मा का कहना है कि आकाश आत्महत्या नहीं कर सकता। उसकी हत्या की गई है। एयरफोर्स के अधिकारी घटना को आत्महत्या बताकर असली घटना को छिपा रहे हैं। बहन ममता विश्वकर्मा ने बताया कि मार्च में भाई छुट्टी पर आया था।
जिस पर उसने तैनाती स्थल पर किसी से विवाद होने की बात कही थी। घटना की जानकारी पर पिता चेन्नई एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे तो पार्थिव शरीर देने के नाम पर कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए है। परिजनों ने आकाश की हत्या किए जाने की बात कहते हुए सीबीआई जांच कराने की मांग है।
परिजन बोले, दिया जाए शहीद का दर्जा
डेरापुर। एयरफोर्स कर्मी आकाश विश्वकर्मा का शव गांव में पहुंचने पर चाचा राकेश विश्वकर्मा, नरेश, भाई रोहित, अमर, सुमित, पिता सुरेश विश्वकर्मा सहित रिश्तेदार रोते-बिलखते रहे। मृतक एयरफोर्स कर्मी के माता-पिता करीब 35 वर्ष पूर्व गांव छोड़कर कानपुर के गंगा कॉलोनी थाना बिधनू में रहने लगे थे।
गुरुवार को वह अपने परिवार के साथ बेटे का पार्थिव शरीर लेकर दफनाने वापस आए तो हर किसी की आंख नम हो गई। परिवार के लोगों ने शव लेकर आए वायुसेना कुुुर्मियों से बेटे को शहीद का दर्जा दिलाने व परिवारीजनों को अन्य सुविधाएं देने की मांग की है।