फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   After three years, 174 arms licenses were inherited.

Kanpur News: तीन साल बाद 174 शस्त्र लाइसेंस किए वरासत

Wed, 24 Dec 2025 02:29 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 24 Dec 2025 02:29 AM IST
विज्ञापन
After three years, 174 arms licenses were inherited.
कानपुर। जिलाधिकारी ने दस माह में वरासत के 174 मामलों का निस्तारण कर लाइसेंस जारी किए हैं। जिले में वर्ष 2022 से 2024 तक एक भी वरासत शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं किया गया था। 2018 के बाद नया शस्त्र लाइसेंस भी नहीं जारी किया गया है।
विज्ञापन

जिले में वर्ष 2018 में फर्जी लाइसेंस जारी होने का खुलासा होने के बाद नए लाइसेंस नहीं जारी किए जा सके हैं। अभी भी असलहों की एसआईटी जांच चल रही है। दूसरी तरफ जिले में लंबे समय से वरासत कराने के लिए भटक रहे लोगों को राहत दी है। अब तक 174 वरासत प्रकरणों का निस्तारण किया गयाह है। इसमें रिवाल्वर और पिस्टल के 91, डीबीबीएल व एसबीबीएल गन के 57 और एनपी बोर राइफल के 26 लाइसेंस जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार आवेदकों को अपने पि्रयजनों की स्मृतियों से जुड़ी धरोहर को सुरक्षित करने के लिए वरासत शस्त्र लाइसेंस जारी किए गए हैं। आगे भी सही मामलों का पारदर्शी तरीके से निस्तारण होगा।
विज्ञापन



पुत्र-पुत्री को 128 लाइसेंस जारी
वरासत के रिश्तों के आधार पर देखें तो पिता से पुत्र-पुत्री को 128, बाबा से पौत्र को 16, पति से पत्नी को 24, ससुर से बहू को तीन और भाई से भाई को तीन मामलों में वरासत लाइसेंस हस्तांतरित किए गए। वरासत लाइसेंस पाने वाले विवेक पाठक ने बताया कि पिता के निधन के बाद उनका आवेदन लंबे समय तक लंबित था। अब राहत मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed