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भागवत के बाद अब गोविंदाचार्य कानपुर प्रवास पर आए, बोले गंगा को शुद्ध रखना हमारी प्राथमिकता
Sun, 13 Sep 2020 01:09 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 13 Sep 2020 01:09 PM IST
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हिंदूवादी चिंतक केएन गोविंदाचार्य
- फोटो : amar ujala
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संघ प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्थान करते ही हिंदूवादी चिंतक केएन गोविंदाचार्य शनिवार देर शाम कानपुर मेें प्रवास के लिए आए। कुछ देर बिठूर में रुककर स्थानीय लोगों से मुलाकात की। वे शहर में 14 सितंबर तक रहेंगे। इसके बाद फतेहपुर के लिए निकल जाएंगे। केएन गोविंदाचार्य अपने अध्ययन प्रवास यात्रा पर हैं।
इस दौरान वह गंगा को लेकर लोगों से वार्ता करेंगे और गंगा की शुद्धता बनाए रखने का प्रयास भी करेंगे। उन्होंने कहा कि 20 साल पहले नौ सितंबर 2000 को वह वैश्वीकरण का अध्ययन करने के लिए दो वर्ष के राजनीतिक अवकाश पर रहे थे। इस अध्ययन की रिपोर्ट में पता चला था कि वर्ष 1991 से 2000 के बीच ग्रामीण क्षेत्र में गरीबी नहीं घटी है।
शहरी क्षेत्रों में गरीबी घटी, लेकिन अपराध, गंदगी और अपसंस्कृति में इजाफा हुआ है। अब वर्तमान माहौल को देखते हुए फिर से अध्ययन करने निकले हैं। इस बार अभी तक देखा है कि तकनीक का प्रभाव हर जगह हावी हो रहा है। कम्युनिकेशन, रोबोटिक, आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस, जेनेटिक इंजीनियरिंग के घातक प्रभाव चिंतन करने वालों को नजर आने लगे हैं।
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इस दौरान वह गंगा को लेकर लोगों से वार्ता करेंगे और गंगा की शुद्धता बनाए रखने का प्रयास भी करेंगे। उन्होंने कहा कि 20 साल पहले नौ सितंबर 2000 को वह वैश्वीकरण का अध्ययन करने के लिए दो वर्ष के राजनीतिक अवकाश पर रहे थे। इस अध्ययन की रिपोर्ट में पता चला था कि वर्ष 1991 से 2000 के बीच ग्रामीण क्षेत्र में गरीबी नहीं घटी है।
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शहरी क्षेत्रों में गरीबी घटी, लेकिन अपराध, गंदगी और अपसंस्कृति में इजाफा हुआ है। अब वर्तमान माहौल को देखते हुए फिर से अध्ययन करने निकले हैं। इस बार अभी तक देखा है कि तकनीक का प्रभाव हर जगह हावी हो रहा है। कम्युनिकेशन, रोबोटिक, आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस, जेनेटिक इंजीनियरिंग के घातक प्रभाव चिंतन करने वालों को नजर आने लगे हैं।
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