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शिक्षामित्रों का पीएफ न जमा करने पर कार्रवाई शुरू, यूपी में 15 जिलों के शिक्षा विभाग के अफसर रडार पर
Thu, 08 Aug 2019 01:21 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 08 Aug 2019 01:21 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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कानपुर नगर समेत 15 जिलों के बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर पीएफ विभाग के रडार पर हैं। शिक्षामित्रों का पीएफ न जमा करने पर विभाग कार्रवाई की तैयारी में है। बीएसए के खिलाफ अगले सप्ताह कार्रवाई संभव है। कानपुर नगर के 2324 शिक्षामित्रों का एक अप्रैल 2015 से मार्च 2018 तक का पीएफ बकाया है।
शिक्षामित्रों पर पीएफ विभाग के नियम एक अप्रैल 2015 से प्रभावी हो चुके हैं। जहां-जहां पर शिक्षामित्र तैनात हैं, वहां के बेसिक शिक्षा अधिकारी को हर महीने इनके खाते में पीएफ और पेंशन का अंशदान जमा कराना है। हालांकि कानपुर रीजन के तमाम अफसरों ने पीएफ आदि नहीं जमा किया। कानपुर रीजन के 18 हजार शिक्षामित्रों का पीएफ नहीं जमा है।
बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय विद्यालयों में शिक्षामित्रों की नियुक्ति करता है। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय भी बेसिक शिक्षा विभाग संचालित करता है। यहां के भी कई कर्मचारियों का पीएफ नहीं जमा है। सूत्रों के मुताबिक विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को बीएसए महोबा और कानपुर देहात के बैंक खाते अटैच किए गए थे।
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बीएसए महोबा पर चार करोड़ 48 लाख 96 हजार और कानपुर देहात के बीएसए पर सात करोड़ 70 लाख से अधिक की रिकवरी निकली है। कानपुर नगर के बीएसए पर आठ से नौ करोड़ की रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सुनवाई प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके बाद भी पीएफ अंशदान जमा न करने पर खाते अटैच कर लिए जाएंगे।
भेल कर्मचारियों को मिलेगा पीएफ का पैसा
सूत्रों ने बताया कि अक्तूबर 1990 से लेकर नवंबर 1997 तक पीएफ न जमा करने पर पीएफ विभाग ने झांसी स्थित भेल (भारत हैवी इलेक्ट्रिक लिमिटेड) पर कार्रवाई करके खाते अटैच किए हैं। 11 लाख रुपये की रिकवरी हो चुकी है। भेल पर बीते साल एक करोड़ 23 लाख का पीएफ निर्धारण किया गया था। 790 भेल कर्मचारियों के पीएफ खाते में जल्द रकम जाएगी।
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शिक्षामित्रों पर पीएफ विभाग के नियम एक अप्रैल 2015 से प्रभावी हो चुके हैं। जहां-जहां पर शिक्षामित्र तैनात हैं, वहां के बेसिक शिक्षा अधिकारी को हर महीने इनके खाते में पीएफ और पेंशन का अंशदान जमा कराना है। हालांकि कानपुर रीजन के तमाम अफसरों ने पीएफ आदि नहीं जमा किया। कानपुर रीजन के 18 हजार शिक्षामित्रों का पीएफ नहीं जमा है।
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बेसिक शिक्षा विभाग परिषदीय विद्यालयों में शिक्षामित्रों की नियुक्ति करता है। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय भी बेसिक शिक्षा विभाग संचालित करता है। यहां के भी कई कर्मचारियों का पीएफ नहीं जमा है। सूत्रों के मुताबिक विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को बीएसए महोबा और कानपुर देहात के बैंक खाते अटैच किए गए थे।
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बीएसए महोबा पर चार करोड़ 48 लाख 96 हजार और कानपुर देहात के बीएसए पर सात करोड़ 70 लाख से अधिक की रिकवरी निकली है। कानपुर नगर के बीएसए पर आठ से नौ करोड़ की रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सुनवाई प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके बाद भी पीएफ अंशदान जमा न करने पर खाते अटैच कर लिए जाएंगे।
भेल कर्मचारियों को मिलेगा पीएफ का पैसा
सूत्रों ने बताया कि अक्तूबर 1990 से लेकर नवंबर 1997 तक पीएफ न जमा करने पर पीएफ विभाग ने झांसी स्थित भेल (भारत हैवी इलेक्ट्रिक लिमिटेड) पर कार्रवाई करके खाते अटैच किए हैं। 11 लाख रुपये की रिकवरी हो चुकी है। भेल पर बीते साल एक करोड़ 23 लाख का पीएफ निर्धारण किया गया था। 790 भेल कर्मचारियों के पीएफ खाते में जल्द रकम जाएगी।