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धवल सेना संग पधारे आचार्य श्री
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 18 Jan 2015 02:45 AM IST
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महाश्रमण ने शनिवार को शहर में प्रवेश किया। आचार्य श्री ने संदेश दिया कि प्रेम से ही मनुष्य या किसी देश को जीता जा सकता है। हिंसा सबसे बड़ा अपराध है।
इससे न कोई जीतता और न ही कोई हारता है, बल्कि सृष्टि का ही नुकसान होता है। उन्होंने शहरवासियों की खातिरदारी की भी तारीफ की।
आचार्य श्री ने कौशलपुरी स्थित श्रीसनातन धर्म एजूकेशन सेंटर में कहा कि यात्रा का उद्देश्य है सद्भावना, नैतिकता व नशा मुक्ति समाज की स्थापना। कहा कि मोदी सरकार से भारत की जनता को काफी उम्मीद है।
इसलिए उन्हें जनता के हित में कार्य करने ही होंगे। कहा कि यदि संत से भूलवश कोई गलती हो जाती है तो उन्हें अपनी भूल सुधारनी चाहिए। संत का काम मनुष्य को राह दिखाने का है।
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इसलिए उनका मार्ग तो सदैव सही रहना चाहिए। आचार्य महाश्रमण मर्यादा महोत्सव व्यवस्था समिति के टीकमचंद सेठिया ने बताया कि रविवार सुबह घंटाघर से यात्रा निकलकर आनंदपुरी मंदिर पहुंचेगी।
वहां पर मंगल दर्शन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। अहिंसा यात्रा सुबह ओरियंट रिसोर्ट से चलकर विजय नगर चौराहे से मरियमपुर चौराहे से होते हुए श्रीसनातन धर्म एजूकेशन सेंटर कौशलपुरी पहुंची।
यात्रा में 90 साधु-साध्वी चल रहे थे। उनके पीछे गाड़ियों का काफिला चल रहा था। कौशलपुरी के सामने पार्क में पंडाल लगाकर गाड़ियों के चालकों की ठहरने की व्यवस्था की गई है।
जबकि साध-साध्वी एजूकेशन सेंटर में ठहरे हैं। जैन समाज (तेरापंथ, दिगंबर, श्वेताबंर, स्थानकवासी) के पुरुष और महिलाओं ने आचार्य श्री का स्वागत-सत्कार किया।
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इससे न कोई जीतता और न ही कोई हारता है, बल्कि सृष्टि का ही नुकसान होता है। उन्होंने शहरवासियों की खातिरदारी की भी तारीफ की।
आचार्य श्री ने कौशलपुरी स्थित श्रीसनातन धर्म एजूकेशन सेंटर में कहा कि यात्रा का उद्देश्य है सद्भावना, नैतिकता व नशा मुक्ति समाज की स्थापना। कहा कि मोदी सरकार से भारत की जनता को काफी उम्मीद है।
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इसलिए उन्हें जनता के हित में कार्य करने ही होंगे। कहा कि यदि संत से भूलवश कोई गलती हो जाती है तो उन्हें अपनी भूल सुधारनी चाहिए। संत का काम मनुष्य को राह दिखाने का है।
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इसलिए उनका मार्ग तो सदैव सही रहना चाहिए। आचार्य महाश्रमण मर्यादा महोत्सव व्यवस्था समिति के टीकमचंद सेठिया ने बताया कि रविवार सुबह घंटाघर से यात्रा निकलकर आनंदपुरी मंदिर पहुंचेगी।
वहां पर मंगल दर्शन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। अहिंसा यात्रा सुबह ओरियंट रिसोर्ट से चलकर विजय नगर चौराहे से मरियमपुर चौराहे से होते हुए श्रीसनातन धर्म एजूकेशन सेंटर कौशलपुरी पहुंची।
यात्रा में 90 साधु-साध्वी चल रहे थे। उनके पीछे गाड़ियों का काफिला चल रहा था। कौशलपुरी के सामने पार्क में पंडाल लगाकर गाड़ियों के चालकों की ठहरने की व्यवस्था की गई है।
जबकि साध-साध्वी एजूकेशन सेंटर में ठहरे हैं। जैन समाज (तेरापंथ, दिगंबर, श्वेताबंर, स्थानकवासी) के पुरुष और महिलाओं ने आचार्य श्री का स्वागत-सत्कार किया।