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आधार कार्ड बनाने का मामला: दूसरे की आईडी से बनाए बांग्लादेशियों, रोहिंग्याओं के आधार

Sun, 06 Dec 2020 04:45 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 06 Dec 2020 04:45 PM IST
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Aadhaar card making case: Aadhaar of Bangladeshis, Rohingyas made with ID of another person's
रोहिंग्या - फोटो : अमर उजाला
बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं के आधार कार्ड बनाने की जांच में सामने आया है कि जाजमऊ कैलाश विहार में फर्जी जन सुविधा केंद्र तीन साल से चल रहा था। फरार कैफे संचालक सुनील पाल अभी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। सूत्रों के मुताबिक, सुनील जन सुविधा केंद्र चलाने के लिए जिस आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करता था, वह किसी दूसरे की है।
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पुलिस आईडी का ब्यौरा जुटाने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई)  को पत्र भेजने की तैयारी में है। चकेरी निवासी एक शख्स की शिकायत पर पुलिस ने कैलाश नगर में दिव्यांग सुनील पाल के घर पर छापा मारा था। मौके से अहिरवां निवासी शैलेंद्र साहू को फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाणपत्र बनाते हुए पकड़ा था।
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साथ में एक लैपटॉप, डेस्कटॉप, सीपीयू, एक थंब इंप्रेशन मशीन, एडिशनल डिस्ट्रिक रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु की मोहर, डीएवी कॉलेज के प्रधानाचार्य की मोहर, डीटीएस इंटर कॉलेज जाजमऊ के फर्जी परिचय पत्र, फर्जी पैन कार्ड, फर्जी आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए थे। शैलेंद्र ने पुलिस को बताया कि आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनवाने के लिए आईडी और पासवर्ड सुनील ने दिया था।

शनिवार को जांच में पता चला कि सुनील ने भी किसी दूसरे से यह आईडी और पासवर्ड लिया था। अब जब सुनील पकड़ा जाएगा तो कई नए खुलासे होंगे। आसपास के लोगों ने बताया कि  सुनील कई वर्षों से यह ज नसुविधा केंद्र व कैफे चला रहा था। एनआरसी और सीएए विरोध के बाद उसके घर के बाहर आधार और पहचान बनवाने वालों की लाइनें लगती थीं।
 
पुलिस को मौके से जो भी फार्म मिले हैं, उनके  सत्यापन के  लिए यूआईडीएआई और अन्य संबंधित एजेंसियों को पत्र भेजा जा रहा है। साथ ही सुनील की आईडी का ब्योरा मांगा जाएगा। अब तक  उसकी आईडी से कितने पहचान पत्र बनवाए गए हैं, उनकी संख्या भी मांगी जाएगी। इसके अलावा जिन लोगों के फार्म मिले हैं, उनसे पूछताछ की जा जाएगी।
राजकुमार अग्रवाल, एसपी पूर्वी
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