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Kanpur News: बकरी चरा रही महिला ने साड़ी फेंककर बचाने का किया प्रयास
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कैलाशा देवी।
- फोटो : संवाद
कानपुर। हाराजपुर सिलवासा घाट में होली खेलने के बाद रंग छुड़ाने गए चार दोस्त डूब गए। वहीं, तैरना न जानने के कारण दो दोस्त बच गए। डूबे चार लोगों में से तीन के शव एसडीआरएफ ने शनिवार को निकाल लिए। चाैथे की तलाश जारी है।
दोस्त राजकुमार यादव ने बताया कि चारों युवकों को डूबता देख पास में बकरी चरा रही एक महिला कैलाशा देवी ने पहले डंडा बढ़ाकर खींचने की कोशिश की, फिर अपनी साड़ी फेंक कर उनको बचाने की कोशिश की। हालांकि सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को फोन कर सूचना दी।
पुलिस और एसडीआरएफ को सबसे पहले शनिवार दोपहर करीब 12 बजे महेंद्र का शव घटना स्थल से डेढ़ किलोमीटर आगे जमदा गांव के पास मिला। करीब एक बजे राहुल का शव जमदा गांव से करीब एक किलोमीटर आगे मिल गया। शाम चार बजे प्रियांशु का शव करीब दो किलोमीटर दूर गंगा की गहराई में मिला। टीम ने उन्नाव और फतेहपुर के बार्डर तक तलाश में जुटी है। शनिवार शाम को अंधेरा होने के चलते सर्च अभियान रोक दिया गया है। रविवार सुबह एक बार फिर सुमित की तलाश की जाएगी।
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डूबने वालों में प्रियांशु अग्रवाल बीबीए फाइनल ईयर का छात्र था। उसके माता-पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। वहीं, महेंद्र कुशवाहा दो भाइयों में छोटा था। बड़े भाई धर्मेंद्र कुशवाहा ने बताया कि वह पेटीएम में नौकरी करता था। इधर, राहुल सिंह के बड़े भाई सोनू ने बताया कि वह पहले पेटीएम में नौकरी करता था। अब उसने नाैकरी छोड़ दी थी। घर में ही रहता था। उधर, सुमित सिंह के बड़े भाई दीपक सिंह ने बताया कि पिछले सप्ताह ही सुमित ने मोहल्ले में रेस्टोरेंट खोला था।
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दोस्त राजकुमार यादव ने बताया कि चारों युवकों को डूबता देख पास में बकरी चरा रही एक महिला कैलाशा देवी ने पहले डंडा बढ़ाकर खींचने की कोशिश की, फिर अपनी साड़ी फेंक कर उनको बचाने की कोशिश की। हालांकि सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को फोन कर सूचना दी।
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पुलिस और एसडीआरएफ को सबसे पहले शनिवार दोपहर करीब 12 बजे महेंद्र का शव घटना स्थल से डेढ़ किलोमीटर आगे जमदा गांव के पास मिला। करीब एक बजे राहुल का शव जमदा गांव से करीब एक किलोमीटर आगे मिल गया। शाम चार बजे प्रियांशु का शव करीब दो किलोमीटर दूर गंगा की गहराई में मिला। टीम ने उन्नाव और फतेहपुर के बार्डर तक तलाश में जुटी है। शनिवार शाम को अंधेरा होने के चलते सर्च अभियान रोक दिया गया है। रविवार सुबह एक बार फिर सुमित की तलाश की जाएगी।
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डूबने वालों में प्रियांशु अग्रवाल बीबीए फाइनल ईयर का छात्र था। उसके माता-पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। वहीं, महेंद्र कुशवाहा दो भाइयों में छोटा था। बड़े भाई धर्मेंद्र कुशवाहा ने बताया कि वह पेटीएम में नौकरी करता था। इधर, राहुल सिंह के बड़े भाई सोनू ने बताया कि वह पहले पेटीएम में नौकरी करता था। अब उसने नाैकरी छोड़ दी थी। घर में ही रहता था। उधर, सुमित सिंह के बड़े भाई दीपक सिंह ने बताया कि पिछले सप्ताह ही सुमित ने मोहल्ले में रेस्टोरेंट खोला था।