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Kanpur News: दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर लगेगा 12.5 प्रतिशत कर
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केसीएएस सीपीई स्टडी सर्कल द्वारा आयोजित कार्यशाला मे भाग लेते सीए व अन्य
- फोटो : संवाद
कानपुर।
केसीएएस सीपीई स्टडी सर्किल ऑफ कानपुर की ओर से शुक्रवार को सिविल लाइंस स्थित रेस्टोरेंट में पूंजीगत लाभ और एनआरआई कराधान विषय पर सेमिनार हुआ। वक्ताओं ने कहा कि दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ के लिए एक समान 12.5 प्रतिशत की नई कर दर लागू की गई है।
सीए राजेश सिंहानिया ने बताया कि नया संशोधन 23 जुलाई 2024 से प्रभावी है। गैर-सूचीबद्ध डिबेंचर, गैर-सूचीबद्ध बांड और म्युच्युअल फंड से होने वाले लाभ को अल्पकालिक पूंजीगत लाभ के रूप में वर्गीकृत किया गया है। दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ के लिए नई एक समान 12.5 प्रतिशत कर की दर लागू की गई है।
हालांकि 23 जुलाई 2024 से पहले अधिग्रहित भूमि या भवनों की बिक्री पर व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के लिए 20 प्रतिशत कर दर के साथ इंडेक्सेशन का विकल्प उपलब्ध है। सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों के लिए छूट सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये किया गया है। यह मूल्यांकन वर्ष 2025-26 से प्रभावी है।
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सीए आरके शुक्ला ने एनआरआई कराधान और विदेश से रुपये भेजने और आने इनवर्ड व आउटवर्ड रेमिटेंस पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के नियमों के तहत ही विदेश से रुपये भेजे जा सकते हैं।
इसके लिए सभी दस्तावेजों का सही होना बेहद अनिवार्य है। सीए ज्ञान प्रकाश गुप्ता ने बताया कि एनआरआई कराधान और पूंंजीगत लाभ कराधान के नियमों की जानकारी सभी कर सलाहकारों को होनी चाहिए।
इस मौके पर संयोजक सीए प्रशांत रस्तोगी, उपसंयोजक सीए नितिन सिंह, आयुष गुप्ता, अनिल साहू, हर्षित गुप्ता, ओंकार टंडन, पंकज गुप्ता, हरजीत सिंह भाटिया, सुधीर कपूर, गौरव खन्ना, संतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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केसीएएस सीपीई स्टडी सर्किल ऑफ कानपुर की ओर से शुक्रवार को सिविल लाइंस स्थित रेस्टोरेंट में पूंजीगत लाभ और एनआरआई कराधान विषय पर सेमिनार हुआ। वक्ताओं ने कहा कि दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ के लिए एक समान 12.5 प्रतिशत की नई कर दर लागू की गई है।
सीए राजेश सिंहानिया ने बताया कि नया संशोधन 23 जुलाई 2024 से प्रभावी है। गैर-सूचीबद्ध डिबेंचर, गैर-सूचीबद्ध बांड और म्युच्युअल फंड से होने वाले लाभ को अल्पकालिक पूंजीगत लाभ के रूप में वर्गीकृत किया गया है। दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ के लिए नई एक समान 12.5 प्रतिशत कर की दर लागू की गई है।
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हालांकि 23 जुलाई 2024 से पहले अधिग्रहित भूमि या भवनों की बिक्री पर व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के लिए 20 प्रतिशत कर दर के साथ इंडेक्सेशन का विकल्प उपलब्ध है। सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों के लिए छूट सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये किया गया है। यह मूल्यांकन वर्ष 2025-26 से प्रभावी है।
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सीए आरके शुक्ला ने एनआरआई कराधान और विदेश से रुपये भेजने और आने इनवर्ड व आउटवर्ड रेमिटेंस पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के नियमों के तहत ही विदेश से रुपये भेजे जा सकते हैं।
इसके लिए सभी दस्तावेजों का सही होना बेहद अनिवार्य है। सीए ज्ञान प्रकाश गुप्ता ने बताया कि एनआरआई कराधान और पूंंजीगत लाभ कराधान के नियमों की जानकारी सभी कर सलाहकारों को होनी चाहिए।
इस मौके पर संयोजक सीए प्रशांत रस्तोगी, उपसंयोजक सीए नितिन सिंह, आयुष गुप्ता, अनिल साहू, हर्षित गुप्ता, ओंकार टंडन, पंकज गुप्ता, हरजीत सिंह भाटिया, सुधीर कपूर, गौरव खन्ना, संतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे।