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कारोबारी की मौत: मनीष का शव उठाने को लेकर हुआ हंगामा, आपस में भिड़े परिजन और रिश्तेदार
Wed, 29 Sep 2021 02:41 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 29 Sep 2021 02:41 PM IST
सार
बुधवार सुबह मनीष का शव उनके बर्रा स्थित निवास पर पहुंचा। शव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। परिजनों में पुलिस के रवैये के प्रति आक्रोश है। मनीष के घर परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए लोगों का तांता लग गया।
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कानपुर: मनीष का शव उठाने को लेकर हुआ हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गुरुग्राम से दो दोस्तों के साथ घूमने आए कानपुर के रियल इस्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता (36) की सोमवार देर रात पुलिस की पिटाई से मौत हो गई। आरोप है कि जांच का विरोध करने पर पुलिस कर्मियों ने उनकी बेरहमी से पिटाई की थी। उनके दोस्तों को भी पीटा था।
हालत खराब होने के बाद पुलिस मनीष को लेकर एक निजी अस्पताल गई थी, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मेडिकल कॉलेज एंबुलेंस से अकेले ही भेज दिया था, जहां डॉक्टरों ने मनीष को मृत घोषित कर दिया। बुधवार सुबह मनीष का शव उनके बर्रा स्थित निवास पर पहुंचा। शव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया।
परिजनों में पुलिस के रवैये के प्रति आक्रोश है। मनीष के घर परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए लोगों का तांता लग गया। राजनीतिक दल के भी लोग पहुंचे। पत्नी ने 50 लाख मुआवजे, एक सरकारी नौकरी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कई थाने के फोर्स मौके पर मौजूद है। मनीष का शव उठाने को लेकर मौके पर हंगामा शुरू हो गया। परिजन और रिश्तेदार आपस में भिड़ गए।
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हालत खराब होने के बाद पुलिस मनीष को लेकर एक निजी अस्पताल गई थी, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मेडिकल कॉलेज एंबुलेंस से अकेले ही भेज दिया था, जहां डॉक्टरों ने मनीष को मृत घोषित कर दिया। बुधवार सुबह मनीष का शव उनके बर्रा स्थित निवास पर पहुंचा। शव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया।
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परिजनों में पुलिस के रवैये के प्रति आक्रोश है। मनीष के घर परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए लोगों का तांता लग गया। राजनीतिक दल के भी लोग पहुंचे। पत्नी ने 50 लाख मुआवजे, एक सरकारी नौकरी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कई थाने के फोर्स मौके पर मौजूद है। मनीष का शव उठाने को लेकर मौके पर हंगामा शुरू हो गया। परिजन और रिश्तेदार आपस में भिड़ गए।
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10 लाख का चेक लौटाया, मिलेंगे सीएम
दोपहर बाद पुलिस कमिश्नर असीम अरुण मौके पर पहुंचे। मृतक की पत्नी मीनाक्षी व अन्य परिजनों से काफी देर तक बातचीत की। उसके बाद उन्होंने शासन के अफसरों से इस संबंध में जानकारी ली। पुलिस कमिश्नर मुख्यमंत्री के आदेश पर परिजनों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने परिजनों से कहा कि मुख्यमंत्री गुरुवार को शहर आ रहे हैं। उसी दौरान उनको उनसे मिलवाया जाएगा। इसकी अनुमति मिल गई है। सीपी ने कई बार परिजनों से गुजारिश की लेकिन वह शव उठाने को राजी नहीं हुए। इस दौरान प्रशासनिक अफसर पीड़ित परिवार को 10 लाख का चेक देने लगे। परिजनों ने चेक लेने से इनकार कर दिया।
प्रियंका और अखिलेश यादव ने फोन पर की बात
कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीड़ित परिजनों से फोन पर बातचीत की। उन्होंने उनको ढांढस बंधाया। प्रियंका गांधी ने फोन पर कहा कि इस मामले के लिए कांग्रेस अच्छा वकील नियुक्त करेगी। प्रियंका गांधी ने ट्विट कर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लिखा कि गोरखपुर में एक कारोबारी को पुलिस ने इतना पीटा कि उनकी मृत्यु हो गई। घटना से पूरे प्रदेश के आमजनों में भय व्याप्त है। इस सरकार में जंगलराज का ये आलम है कि पुलिस अपराधियों पर नरम रहती है और आमजनों से बर्बर व्यवहार करती है। सरकार को पीड़ित की पत्नी की सारी मांगें पूरी करनी चाहिए।
दोपहर बाद पुलिस कमिश्नर असीम अरुण मौके पर पहुंचे। मृतक की पत्नी मीनाक्षी व अन्य परिजनों से काफी देर तक बातचीत की। उसके बाद उन्होंने शासन के अफसरों से इस संबंध में जानकारी ली। पुलिस कमिश्नर मुख्यमंत्री के आदेश पर परिजनों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने परिजनों से कहा कि मुख्यमंत्री गुरुवार को शहर आ रहे हैं। उसी दौरान उनको उनसे मिलवाया जाएगा। इसकी अनुमति मिल गई है। सीपी ने कई बार परिजनों से गुजारिश की लेकिन वह शव उठाने को राजी नहीं हुए। इस दौरान प्रशासनिक अफसर पीड़ित परिवार को 10 लाख का चेक देने लगे। परिजनों ने चेक लेने से इनकार कर दिया।
प्रियंका और अखिलेश यादव ने फोन पर की बात
कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीड़ित परिजनों से फोन पर बातचीत की। उन्होंने उनको ढांढस बंधाया। प्रियंका गांधी ने फोन पर कहा कि इस मामले के लिए कांग्रेस अच्छा वकील नियुक्त करेगी। प्रियंका गांधी ने ट्विट कर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लिखा कि गोरखपुर में एक कारोबारी को पुलिस ने इतना पीटा कि उनकी मृत्यु हो गई। घटना से पूरे प्रदेश के आमजनों में भय व्याप्त है। इस सरकार में जंगलराज का ये आलम है कि पुलिस अपराधियों पर नरम रहती है और आमजनों से बर्बर व्यवहार करती है। सरकार को पीड़ित की पत्नी की सारी मांगें पूरी करनी चाहिए।
मृतक की पत्नी की छह मांगे
- 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए
- सरकारी नौकरी दी जाए
- केस को कानपुर नगर में ट्रांसफर किया जाए
- हत्याकांड की सीबीआई जांच हो
- जिस होटल में हत्याकांड को अंजाम दिया गया उस पर कार्रवाई की जाए
- दोषी पुलिसकर्मयों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
- 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए
- सरकारी नौकरी दी जाए
- केस को कानपुर नगर में ट्रांसफर किया जाए
- हत्याकांड की सीबीआई जांच हो
- जिस होटल में हत्याकांड को अंजाम दिया गया उस पर कार्रवाई की जाए
- दोषी पुलिसकर्मयों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
घटना बेहद दुखद है। हम सब पीड़ित परिवार के साथ हैं। गुरुवार को पीड़ित परिजनों को मुख्यमंत्री से मिलवाया जाएगा। जो मांगे परिजनों की हैं वह शासन तक पहुंचा दी गई हैं।- असीम अरुण, पुलिस कमिश्नर