123 इंजीनियरिंग कालेजों मान्यता खतरे में

Kanpur Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कानपुर। गौतम बुद्ध टेक्निकल यूनिवर्सिटी (जीबीटीयू) और महामाया टेक्निकल विश्वविद्यालय (एमटीयू) ने प्रदेश के 123 दागी इंजीनियरिंग कालेजों की सूची जारी कर दी है। इन पर समाज कल्याण से जीरो फीसदी फीस का लाभ पाने वाले छात्रों को समाज कल्याण से बजट न मिलने की स्थिति में खुद फीस भरने के लिए बाध्य करने के साथ दूसरे कई आरोप हैं। ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में शनिवार को जीबीटीयू के कुलपति प्रो. कृपा शंकर ने बताया कि इनमें जीबीटीयू के 73 और महामाया विश्वविद्यालय के 50 कालेज शामिल हैं। इन कालेजों पर आर्थिक दंड और मान्यता रद करने की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

डा. गौर हरि सिंहानियां इंस्टीट्यूट के समारोह में हिस्सा लेने आये प्रो. कृपा शंकर ने बताया कि शासन और विश्वविद्यालय को बड़े पैमाने पर ऐसे कालेजों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, जो छात्रों को फीस भरने के लिए परेशान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई मामलों में मैनेजमेंट कोटे में प्रवेश पाने वाले छात्रों के तय मानक से कम अंक पाए गए हैं। इस कारण नए मानक तय कर दिए गए हैं। अब से कालेज पीसीएम ग्रुप में 60 फीसदी अंक पाने वालों को ही बीटेक में प्रवेश दे सकेंगे। आरक्षित श्रेणी के लिए मानक 55 फीसदी अंक का होगा। उन्होंने बताया कि स्टूडेंट्स के प्रोजेक्ट वर्क को बढ़ावा देने के लिए नए सत्र से अच्छे प्रोजेक्ट पर गवर्नर से सम्मानित कराने की पहल की गई है। साथ ही छात्रों की रोजाना की उपस्थिति रिपोर्ट विवि. की वेबसाइट पर लोड करने की व्यवस्था बनाई गई है।
ऑनलाइन होगी परीक्षा
प्रो. कृपा शंकर ने बताया कि 2013 में इंजीनियरिंग की संयुक्त प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन कराने की तैयारी कर ली गई है। यह निर्णय 2012 में एमसीए और एमबीए की ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा सफल होने के बाद लिया गया है। वहीं, 2012 की ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट आठ मई को और बीटेक की ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट 31 मई से पहले आ जाएगा।

2014-15 तक नहीं बढ़ेगी सीटें
प्रो. कृपाशंकर ने बताया कि अबकी साल प्रदेश में तीन और देश में 173 से अधिक इंजीनियरिंग कालेज बंद होने की कगार पर हैं। उनका कहना है कि पिछले दो साल में प्रदेश में 450 इंजीनियरिंग कालेज खुले हैं, जिस कारण सीटें भरने का संकट पैदा हो गया है। इसलिए 2014-15 तक किसी भी नए कालेज को मान्यता न देने और सीटें न बढ़ाने का निर्णय लिया है।

पूरा वेतन न मिले तो करें शिकायत
प्रो. कृपाशंकर ने बताया कि निजी इंजीनियरिंग कालेजों में शिक्षकों को छठा वेतनमान न देने की समस्या भी सामने आई है। कालेज शिक्षकों को पूरा वेतन नहीं दे रहे हैं या वेतन मारकर बैठे हैं। अब से कालेजों को शिक्षकों का पूरा वेतन रिकार्ड मेनटेन करके सैलरी भी बैंक से देनी होगी। उन्होंने कहा कि जो कालेज गड़बड़ी कर रहे हैं उनके शिक्षक शिकायत करें तो कालेज पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us