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कौशल विकास प्रोग्राम में गड़बड़ी की जांच करेगी टीम
Kanpur
Updated Fri, 21 Nov 2014 05:30 AM IST
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कानपुर। स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) प्रोग्राम के संचालन में गड़बड़ी और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद राजकीय पालीटेक्निक के प्रिंसिपल एफआर खान ने दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में केमिकल इंजीनियरिंग के एचओडी एके मिश्रा और इलेक्ट्रानिक्स के एचओडी प्रमथेस सहाय को शामिल किया गया है। इन सभी से दो दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। इस टीम को शास्त्री नगर और अजीतगंज सहित तमाम अन्य प्रशिक्षण केंद्रों की जांच करके रिपोर्ट देनी है।
स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम की स्थिति बेहद खराब है। ‘अमर उजाला’ की टीम ने गुरुवार को अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ड (एआईटीएच) से संबंधित चार प्रशिक्षण केंद्रों का जायजा लिया, जहां कि तमाम खामियां मिली हैं। सिलाई केंद्र ओमपुरवा (लाल बंगला हरजेंदर नगर) में कोई प्रशिक्षणार्थी नहीं मिला। एक कमरे में चार सिलाई मशीन मिलीं, जिसके माध्यम से 40 महिलाओं को प्रशिक्षित किए जाने का दावा किया गया लेकिन संचालिका गीता शर्मा प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति का रजिस्टर नहीं दिखा सकीं। सिलाई का छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स है लेकिन इसकी संचालिका एनटीटी की दुकान भी चला रही हैं, जिसकी कि मान्यता नेशनल काउंसिल फार टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) से नहीं है। वह ब्यूटीशियन और कढ़ाई - बुनाई का काम सिखाने का दावा भी करती हैं। गांधीग्राम में साफ्ट ट्वाय मेकिंग का प्रशिक्षण केेंद्र है, जिसकी संचालिका बबिता अवस्थी हैं। यह केंद्र कहां है, इसका अंदाजा नहीं लग सका। संचालिका का मोबाइल दिनभर बंद रहा है। चमनगंज में ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण केंद्र है, जहां कि 52 महिलाओं को प्रशिक्षण दिए जाने की बात कही गई है। संचालिका शबनूर का कहना है कि 40 महिलाओं को सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इस तथ्य की हकीकत समझने की कोशिश की गई तो वहां मौजूद लोगों ने हाथ खड़े कर दिए। साफ कहा कि जो जानकारी चाहिए, वह प्रशिक्षण केंद्र से बाहर रहकर मांगिए। इससे लगा कि प्रशिक्षण केंद्र की जानकारी छुपाने की कोशिश की जा रही है। यह केंद्र भी छोटे कमरे में सिमटा है, जहां कि अलग-अलग शिफ्ट में भी सभी महिलाओं को प्रशिक्षण दे पाना कठिन है। मसवानपुर में डेक्सटॉप पब्लिशिंग का केंद्र है, जहां कि व्यवस्था ठीक नहीं मिली है।
कोट
स्किल डेवलपमेंट के सभी केंद्रों की जांच खुद करूंगा। जो भी गड़बड़ी होगी, उसे दूर की जाएगी। सही ढंग से कोर्स चले, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। जहां सुधार की गुंजाइश नहीं होगी, वहां सेंटर बदलने की कार्रवाई की जाएगी।
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गौरव चंद्रा, निदेशक एआईटीएच
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स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम की स्थिति बेहद खराब है। ‘अमर उजाला’ की टीम ने गुरुवार को अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी फॉर हैंडीकैप्ड (एआईटीएच) से संबंधित चार प्रशिक्षण केंद्रों का जायजा लिया, जहां कि तमाम खामियां मिली हैं। सिलाई केंद्र ओमपुरवा (लाल बंगला हरजेंदर नगर) में कोई प्रशिक्षणार्थी नहीं मिला। एक कमरे में चार सिलाई मशीन मिलीं, जिसके माध्यम से 40 महिलाओं को प्रशिक्षित किए जाने का दावा किया गया लेकिन संचालिका गीता शर्मा प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति का रजिस्टर नहीं दिखा सकीं। सिलाई का छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स है लेकिन इसकी संचालिका एनटीटी की दुकान भी चला रही हैं, जिसकी कि मान्यता नेशनल काउंसिल फार टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) से नहीं है। वह ब्यूटीशियन और कढ़ाई - बुनाई का काम सिखाने का दावा भी करती हैं। गांधीग्राम में साफ्ट ट्वाय मेकिंग का प्रशिक्षण केेंद्र है, जिसकी संचालिका बबिता अवस्थी हैं। यह केंद्र कहां है, इसका अंदाजा नहीं लग सका। संचालिका का मोबाइल दिनभर बंद रहा है। चमनगंज में ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण केंद्र है, जहां कि 52 महिलाओं को प्रशिक्षण दिए जाने की बात कही गई है। संचालिका शबनूर का कहना है कि 40 महिलाओं को सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इस तथ्य की हकीकत समझने की कोशिश की गई तो वहां मौजूद लोगों ने हाथ खड़े कर दिए। साफ कहा कि जो जानकारी चाहिए, वह प्रशिक्षण केंद्र से बाहर रहकर मांगिए। इससे लगा कि प्रशिक्षण केंद्र की जानकारी छुपाने की कोशिश की जा रही है। यह केंद्र भी छोटे कमरे में सिमटा है, जहां कि अलग-अलग शिफ्ट में भी सभी महिलाओं को प्रशिक्षण दे पाना कठिन है। मसवानपुर में डेक्सटॉप पब्लिशिंग का केंद्र है, जहां कि व्यवस्था ठीक नहीं मिली है।
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कोट
स्किल डेवलपमेंट के सभी केंद्रों की जांच खुद करूंगा। जो भी गड़बड़ी होगी, उसे दूर की जाएगी। सही ढंग से कोर्स चले, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। जहां सुधार की गुंजाइश नहीं होगी, वहां सेंटर बदलने की कार्रवाई की जाएगी।
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गौरव चंद्रा, निदेशक एआईटीएच