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कौशल विकास योजना के नाम पर युवकों से ठगी
Updated Tue, 09 Oct 2018 01:04 AM IST
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भीतरगांव (कानपुर)। भारत सरकार की कौशल विकास योजना में नौकरी के दिलाने के नाम पर युवकों को फर्जी नियुक्ति पत्र भेजने वाला गिरोह सक्रिय है। रोजगार के नाम पर रेलवे ग्राहक की ट्रेनिंग और नौकरी देने के नाम पर ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के साथ ठगी के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसा ही एक फर्जी नियुक्ति पत्र विकास खंड के रावतपुर चौधरियान गांव निवासी एक युवक को मिला है।
गांव निवासी रवींद्र नाथ ने बताया कि शनिवार को उसके नाम कौशल विकास सेंटर गुड़गांव (हरियाणा) के नाम से एक रजिस्टर्ड पत्र मिला। जिसमें हिंदी भाषा में 24500 रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने की बात लिखी है। जिसमें 40 दिनों की ट्रेनिंग के दौरान मोबाइल और लैपटॉप की मुफ्त सुविधा, नि:शुल्क आवास, भोजन और 8 लाख रुपये तक का आपातकालीन बीमा कराए जाने की बात लिखी है। इसके लिए पेशगी के तौर पर 14500 रुपये एक बैंक खाते में भेजने को कहा गया है।
इस बारे में रवींद्र नाथ ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का प्रशिक्षण ले रखा है। लेकिन, जब उन्होंने अपने अन्य साथियों से इस बारे में चर्चा की और सलाह ली तो उन्होंने नियुक्ति संबंधी पत्र को फर्जी बताया। साथियों के मुताबिक, कंपनी के फोन तबतक अभ्यर्थी के पास आते हैं जब तक कि वह सिक्योरिटी के नाम पर पैसा नहीं जमा करा लेते। और पैसा खाते में जमा होते ही फोन आने भी बंद हो जाते हैं। युवकों ने बताया कि इस तरह का फर्जीवाड़ा हरियाणा और गुड़गांव में जारी है।
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गांव निवासी रवींद्र नाथ ने बताया कि शनिवार को उसके नाम कौशल विकास सेंटर गुड़गांव (हरियाणा) के नाम से एक रजिस्टर्ड पत्र मिला। जिसमें हिंदी भाषा में 24500 रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलाने की बात लिखी है। जिसमें 40 दिनों की ट्रेनिंग के दौरान मोबाइल और लैपटॉप की मुफ्त सुविधा, नि:शुल्क आवास, भोजन और 8 लाख रुपये तक का आपातकालीन बीमा कराए जाने की बात लिखी है। इसके लिए पेशगी के तौर पर 14500 रुपये एक बैंक खाते में भेजने को कहा गया है।
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इस बारे में रवींद्र नाथ ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का प्रशिक्षण ले रखा है। लेकिन, जब उन्होंने अपने अन्य साथियों से इस बारे में चर्चा की और सलाह ली तो उन्होंने नियुक्ति संबंधी पत्र को फर्जी बताया। साथियों के मुताबिक, कंपनी के फोन तबतक अभ्यर्थी के पास आते हैं जब तक कि वह सिक्योरिटी के नाम पर पैसा नहीं जमा करा लेते। और पैसा खाते में जमा होते ही फोन आने भी बंद हो जाते हैं। युवकों ने बताया कि इस तरह का फर्जीवाड़ा हरियाणा और गुड़गांव में जारी है।
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