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भारत की संस्कृति व सभ्यता वनों से विकसित हुई
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इटावा। सामाजिक वानिकी प्रभाग इटावा एवं सोसायटी फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर स्कॉन ने गुरुवार जवाहर इंटर कॉलेज चकरनगर में पर्यावरण जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें वन क्षेत्राधिकारी चकरनगर शिवकुमार यादव ने बच्चों को बताया कि हमारे देश की संस्कृति एवं सभ्यता वनों से विकसित हुई है। यह एक तरह से मानव का जीवन सहचर है। पौधरोपण से प्रकृति का संतुलन बना रहता है। वृक्ष अगर न हो तो सरोवर न ही जल से भरे रहेंगे और न ही सरिता कल कल ध्वनि से प्रवाहित होंगी ।
स्कॉन सचिव वन्यजीव विशेषज्ञ संजीव चौहान ने कहा वृक्ष हमारे लिए कई प्रकार से लाभदायक होते हैं। जीवों द्वारा छोड़े गए कार्बन डाई ऑक्साइड को ये जीवनदायिनी ऑक्सीजन में बदल देते हैं। इनकी पत्तियों, छालों एवं जड़ों से हम विभिन्न प्रकार की औषधियां बनाते हैं। इनसे हमें रसदार एवं स्वादिष्ट फल प्राप्त होते हैं। कार्यक्रम के समापन पर सभी अध्यापकों, कर्मचारियों एवं बच्चों के साथ मिलकर बरगद का पौधा रोपित किया। बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में वन दरोगा सूर्यकान्त शुक्ला, शिवपाल, जयशंकर, अमरेश कुमार, रतन कुमार आदि का उल्लेखनीय योगदान रहा।
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स्कॉन सचिव वन्यजीव विशेषज्ञ संजीव चौहान ने कहा वृक्ष हमारे लिए कई प्रकार से लाभदायक होते हैं। जीवों द्वारा छोड़े गए कार्बन डाई ऑक्साइड को ये जीवनदायिनी ऑक्सीजन में बदल देते हैं। इनकी पत्तियों, छालों एवं जड़ों से हम विभिन्न प्रकार की औषधियां बनाते हैं। इनसे हमें रसदार एवं स्वादिष्ट फल प्राप्त होते हैं। कार्यक्रम के समापन पर सभी अध्यापकों, कर्मचारियों एवं बच्चों के साथ मिलकर बरगद का पौधा रोपित किया। बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में वन दरोगा सूर्यकान्त शुक्ला, शिवपाल, जयशंकर, अमरेश कुमार, रतन कुमार आदि का उल्लेखनीय योगदान रहा।
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