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800 अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति के 62 लाख रुपये खातों से निकाले, मदरसा संचालकों ने किया खेल
Thu, 21 Nov 2019 10:29 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 21 Nov 2019 10:29 PM IST
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छात्रवृत्ति घोटाला
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कन्नौज के गुरसहायगंज में 800 अल्पसंख्यक छात्रों की 62 लाख रुपये की छात्रवृत्ति में खेल कर दिया गया। छात्रवृत्ति बांटने के बजाय मदरसा संचालकों ने अपनी जेब में रखी ली। छात्रवृत्ति की रकम निकालने के बाद जब आरोपियों ने छात्रों के खाते डिलीट किए तो एसबीआई अधिकारियों को शक हुआ। उन्होंने जांच शुरू कर दी। इसमें छात्रवृत्ति घोटाला खुलकर सामने आ गया।
एसबीआई लखनऊ के अधिकारी की ओर से गुरसहायगंज कोतवाली में फर्रुखाबाद के दो मदरसा संचालकों और एक एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। फर्रुखाबाद के कमालगंज के गांव जरारी में जियाउद्दीन और हारुन मदरसा संचालित करते हैं। इन दोनों ने कन्नौज के समधन में नौरंगपुर स्थित एसबीआई का ग्राहक सेवा केंद्र चलाने वाले मोहम्मद जलील की मदद से छात्रवृत्ति घोटाले को अंजाम दिया।
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एसबीआई लखनऊ के अधिकारी की ओर से गुरसहायगंज कोतवाली में फर्रुखाबाद के दो मदरसा संचालकों और एक एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। फर्रुखाबाद के कमालगंज के गांव जरारी में जियाउद्दीन और हारुन मदरसा संचालित करते हैं। इन दोनों ने कन्नौज के समधन में नौरंगपुर स्थित एसबीआई का ग्राहक सेवा केंद्र चलाने वाले मोहम्मद जलील की मदद से छात्रवृत्ति घोटाले को अंजाम दिया।
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जिलाउद्दीन और हारुन ने मदरसे में पढ़ रहे 800 छात्रों के खाते मोहम्मद जलील की मदद से खुलवाए। छात्रों से अंगूठा लगवाकर छात्रवृत्ति हजम कर ली। इस मामले में शक तब हुआ जब इन छात्रों के खाते डिलीट कर दिए गए। कुछ ही दिनों के अंतराल में 800 छात्रों के खाते डिलीट होने पर एसबीआई अधिकारियों को शक हुआ। जांच में पता चला कि यह सभी खाते एक ही मदरसे में पढ़ने वाले छात्रों के हैं।
इसके बाद गोपनीय ढंग से कराई जांच में पता चला कि इन 800 छात्रों के खाते में अगस्त 2017 से मई 2018 के बीच करीब 62 लाख रुपये अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के आए थे। इन्हें इन लोगों ने निकाल लिया। इसके बाद खातों को डिलीट करवा दिया। पूरे मामले की जानकारी फर्रुखाबाद के जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को दी गई तो हड़कंप मच गया। अल्पसंख्यक अधिकारी ने मदरसों के खातों पर रोक लगा दी।
इसके बाद गोपनीय ढंग से कराई जांच में पता चला कि इन 800 छात्रों के खाते में अगस्त 2017 से मई 2018 के बीच करीब 62 लाख रुपये अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के आए थे। इन्हें इन लोगों ने निकाल लिया। इसके बाद खातों को डिलीट करवा दिया। पूरे मामले की जानकारी फर्रुखाबाद के जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को दी गई तो हड़कंप मच गया। अल्पसंख्यक अधिकारी ने मदरसों के खातों पर रोक लगा दी।
मदरसे को भी ब्लैक लिस्टेट कर दिया। गुरुवार देर शाम भारतीय स्टेट बैंक लखनऊ के टेक्निकल असिस्टेंट संजय कुमार निवासी कटरा बाजार काकोरी थाना लखनऊ ने गुरसहायगंज कोतवाली में कस्बा समधन निवासी मोहम्मद जलील, फर्रुखाबाद के कमालगंज के जरारी गांव निवासी जियाउद्दीन और हारुन के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि फर्रुखाबाद के दो मदरसा संचालकों और नौरंगपुर के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी छोटेलाल ने बताया कि मामला फर्रुखाबाद जिले से संबंधित है। वहीं के मदरसे में घोटाला किया गया है। चूंकि 800 छात्रों के खाते नौरंगपुर स्थित एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र में खोले गए और इसी केंद्र की मदद से रकम की निकासी की गई, इससे संचालक को भी आरोपी बनाकर गुरसहायगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि फर्रुखाबाद के दो मदरसा संचालकों और नौरंगपुर के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी छोटेलाल ने बताया कि मामला फर्रुखाबाद जिले से संबंधित है। वहीं के मदरसे में घोटाला किया गया है। चूंकि 800 छात्रों के खाते नौरंगपुर स्थित एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र में खोले गए और इसी केंद्र की मदद से रकम की निकासी की गई, इससे संचालक को भी आरोपी बनाकर गुरसहायगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।