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कैश की नहीं दी जानकारी तो लगेगा हर दिन 500 रुपए जुर्माना
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 24 Jan 2017 10:55 AM IST
सार
सहकारी बैंकों व डाकघरों के खिलाफ सख्त हुआ आयकर विभाग
नोटबंदी के बाद जमा होने वाले कैश की जानकारी नहीं दे रहे
31 जनवरी तक मौका, इसके बाद शुरू होगा प्रतिदिन जुर्माना
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के सहकारी बैंकों व डाकघरों ने नोटबंदी के बाद खातों में जमा हुई भारी भरकम रकम की सूचना आयकर विभाग को नहीं दी है। ऐसे बैंकों और डाकघरों के खिलाफ आयकर विभाग सख्त हुआ है। सूचना उपलब्ध कराने के लिए इनके पास आठ दिन और शेष हैं। 31 जनवरी के बाद बैंक व डाकघर के प्रबंधक पर पांच सौ रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाया जाएगा।
आयकर निदेशक (इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन) प्रदीप एस. हेडाऊ ने बताया कि नोटबंदी के बाद खातों में जमा हुई रकम की सूचना सभी बैंकों को आयकर विभाग को तत्काल उपलब्ध करानी थी। अधिकतर बैंकों ने सूचना दे दी है, लेकिन सहकारी बैंकों और डाकघरों के प्रबंधकों ने खातों में जमा हुई रकम की जानकारी नहीं दी है।
सबसे ज्यादा गड़बड़ी वाले बैंकों में सहकारी बैंक भी शामिल हैं। इसकी पड़ताल के लिए डाटा माइनिंग की जरूरत है, लेकिन सूचनाएं न होने की वजह से जांच का काम प्रभावित है। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी के बाद भी यदि किसी बैंक ने सूचना नहीं दी तो उससे प्रतिदिन पांच सौ रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।
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आयकर निदेशक (इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन) प्रदीप एस. हेडाऊ ने बताया कि नोटबंदी के बाद खातों में जमा हुई रकम की सूचना सभी बैंकों को आयकर विभाग को तत्काल उपलब्ध करानी थी। अधिकतर बैंकों ने सूचना दे दी है, लेकिन सहकारी बैंकों और डाकघरों के प्रबंधकों ने खातों में जमा हुई रकम की जानकारी नहीं दी है।
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सबसे ज्यादा गड़बड़ी वाले बैंकों में सहकारी बैंक भी शामिल हैं। इसकी पड़ताल के लिए डाटा माइनिंग की जरूरत है, लेकिन सूचनाएं न होने की वजह से जांच का काम प्रभावित है। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी के बाद भी यदि किसी बैंक ने सूचना नहीं दी तो उससे प्रतिदिन पांच सौ रुपये जुर्माना वसूला जाएगा।
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