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बिना परीक्षा अगली कक्षा में जाएंगे 495246 बच्चे
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जिले के एक परिषदीय स्कूल में पढ़ते बच्चे। प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : HARDOI
हरदोई। परिषदीय स्कूलों के कक्षा एक से आठ तक के 4 लाख 95 हजार 246 बच्चों को इस बार भी बिना परीक्षा अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। बीएसए ने बताया कि इस शैक्षिक सत्र में करीब 10 माह शिक्षण कार्य प्रभावित रहने के कारण प्रेरणा ज्ञानोत्सव से बच्चों की क्षमता का आंकलन होगा।
जिले के 19 ब्लाकों और नगर क्षेत्र को मिलाकर करीब 3800 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें इस सत्र में चार लाख 95 हजार 246 बच्चे नामांकित हैं। कोरोना के कारण मार्च 2020 के दूसरे सप्ताह से इन स्कूलों का संचालन बंद हो गया था। शासन के निर्देश पर शैक्षिक सत्र 2019-20 में भी बच्चों को बिना परीक्षा के पास किया गया था।
जुलाई से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हुईं थीं, लेकिन परिषदीय स्कूलों में गरीब तबके के बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण ये ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ नहीं उठा सके। स्कूल बच्चों के लिए एक बार फिर से खुल गए हैं, लेकिन बच्चों का पाठ्यक्रम पूरा न होने के कारण शासन स्तर से एक बार फिर से बच्चों को बिना परीक्षा अगली कक्षा में प्रमोट करने का निर्णय लिया गया है।
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बीएसए हेमंत राव ने बताया कि कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक कुल 495246 छात्र-छात्राएं हैं। शासन की ओर से इस बार भी इन्हें प्रमोट करने का निर्णय लिया गया है, लेकिन स्कूल खुलने के बाद 100 दिन का प्रेरणा ज्ञानोत्सव कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इससे बच्चों के पढ़ने-लिखने की क्षमता का आंकलन किया जाएगा। परिषदीय स्कूलों में इस बार भी वार्षिक परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी। कक्षा स्तर पर बच्चों का असेसमेंट किया जाएगा।
जिले के 20 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की 2000 बालिकाओं को भी बिना परीक्षा अगली कक्षाओं में प्रमोट किया जाएगा। जिला समन्वयक बालिका अविनाश पांडे ने बताया कि शासन ने इस ओर निर्देशित कर दिया है। प्रेरणा ज्ञानोत्सव से ही बच्चों की क्षमता का आंकलन कर लिया जाएगा।
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जिले के 19 ब्लाकों और नगर क्षेत्र को मिलाकर करीब 3800 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें इस सत्र में चार लाख 95 हजार 246 बच्चे नामांकित हैं। कोरोना के कारण मार्च 2020 के दूसरे सप्ताह से इन स्कूलों का संचालन बंद हो गया था। शासन के निर्देश पर शैक्षिक सत्र 2019-20 में भी बच्चों को बिना परीक्षा के पास किया गया था।
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जुलाई से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हुईं थीं, लेकिन परिषदीय स्कूलों में गरीब तबके के बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण ये ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ नहीं उठा सके। स्कूल बच्चों के लिए एक बार फिर से खुल गए हैं, लेकिन बच्चों का पाठ्यक्रम पूरा न होने के कारण शासन स्तर से एक बार फिर से बच्चों को बिना परीक्षा अगली कक्षा में प्रमोट करने का निर्णय लिया गया है।
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बीएसए हेमंत राव ने बताया कि कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक कुल 495246 छात्र-छात्राएं हैं। शासन की ओर से इस बार भी इन्हें प्रमोट करने का निर्णय लिया गया है, लेकिन स्कूल खुलने के बाद 100 दिन का प्रेरणा ज्ञानोत्सव कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इससे बच्चों के पढ़ने-लिखने की क्षमता का आंकलन किया जाएगा। परिषदीय स्कूलों में इस बार भी वार्षिक परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी। कक्षा स्तर पर बच्चों का असेसमेंट किया जाएगा।
जिले के 20 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की 2000 बालिकाओं को भी बिना परीक्षा अगली कक्षाओं में प्रमोट किया जाएगा। जिला समन्वयक बालिका अविनाश पांडे ने बताया कि शासन ने इस ओर निर्देशित कर दिया है। प्रेरणा ज्ञानोत्सव से ही बच्चों की क्षमता का आंकलन कर लिया जाएगा।