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बालक की मौत पर बवाल
Updated Sun, 22 Jul 2018 12:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
तिर्वा/नजरापुर। कोतवाली क्षेत्र के भिदासिन गांव में शनिवार को अवैध बालू से लदे तांगे की चपेट में आकर बालक की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव रखकर तिर्वा-कन्नौज मार्ग पर जाम लगा दिया। भीड़ ने तांगा चालक और उसके दो साथियों को जमकर पीटा। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें छुड़ाकर अस्पताल भिजवाया। जाम खुलवाने में ग्रामीणों की पुलिस ने नोकझोंक हो गई। बवाल बढ़ता देख सीओ पहुंचीं और कई थानों की फोर्स भी बुला ली। करीब चार घंटे बाद विधायक और एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाया।
तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के भिदासिन गांव निवासी बृजेश पाल का मकान तिर्वा-कन्नौज रोड पर है। उनके एक एक तीन वर्षीय बेटी और बेटा ध्रुव (6) था। धुव्र केबीएस विद्यालय नसरापुर में कक्षा एलकेजी का छात्र था। बृजेश की मां प्रेमवती की नौ जुलाई को मौत हो गई थी। शनिवार को उनकी तेरहवीं थी। शनिवार सुबह करीब आठ बजे सड़क किनारे बृजेश का बेटा ध्रुव (6) खेल रहा था। इसी बीच नजरापुर पट्टी नई बस्ती निवासी बृजेश सक्सेना पुत्र राजवीर ईशन नदी से अवैध खनन कर बालू की बोरियों को तांगे पर लादकर निकला। खेलते समय ध्रुव तांगे के पहिये की चपेट में आ गया, इससे उसकी मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों के साथ तांगा चालक बृजेश सक्सेना, उसके मामा हरबक्स और श्यामू को बंधक बनाकर पीटना शुरू कर दिया। भीड़ ने शव रखकर और मार्ग के किनारे लगे वन विभाग के पोल और पेड़ों उखाड़ कर तिर्वा-कन्नौज मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर करीब एक घंटे बाद यूपी 100 पुलिस पहुंची। इसके बाद तिर्वा सीओ मोनिका यादव और कोतवाल आमोद कुमार सिंह भी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। पुलिस ने तांगा चालक, उसके मामा व श्यामू को भीड़ से जैसे तैसे बचाकर मेडिकल कालेज भेजा।
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पुलिस ने ग्रामीणों को सड़क से हटाने का प्रयास किया तो वे भड़क गए। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इससे उनकी पुलिस ने नोकझोंक भी हुई। करीब चार घंटे बाद सदर विधायक अनिल दोहरे और एसडीएम प्रेमलाल चंद्र पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराया। इसके बाद यातायात बहाल हो पाया। पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस ने बवाल करने में 20 लोगों को चिह्नित किया है। 50 अज्ञात के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है। डीएफओ रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग की टीम को भेजकर नुकसान का मुआयना कराकर ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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