मदरसों का सर्वे: कानपुर में मिले 41 गैर पंजीकृत मदरसे मिले, अल्पसंख्यक विभाग तैयार कर रहा मदरसों का डाटा
उत्तर प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे शुरू हो गया है। इसमें बच्चों की संख्या से लेकर फंडिंग और अन्य जानकारी जुटाई जाएगी। इसके अतिरिक्त अन्य बिंदुओं पर भी सर्वे होगा। कानपुर में गुरुवार को सर्वे कर 41 मदरसे चिह्नित किए गए हैं।
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कानपुर में शासन के निर्देश पर मदरसों की पड़ताल शुरू हो गई है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने गुरुवार को सर्वे कर 41 मदरसे चिह्नित किए हैं, जो गैर पंजीकृत हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के 28, बिल्हौर के छह, घाटमपुर के तीन और नरवल के चार मदरसे शामिल हैं।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि जिले में कुल 250 पंजीकृत मदरसे हैं, जिसमें से 24 अनुदानित हैं। एक हफ्ते में सभी गैर पंजीकृत मदरसे चिह्नित कर सूची प्रशासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद विभाग, प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमें बच्चों व शिक्षकों से लेकर फंडिंग समेत 12 बिंदुओं पर जानकारी जुटाएगी।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
- संस्था जो मदरसे का संचालन कर रही हैं।
- स्थापना कब हुई, किसने की।
- कक्षाएं, पानी, फर्नीचर, बिजली आपूर्ति, शौचालय की जानकारी।
- विद्यार्थियों और शिक्षकों की संख्या।
- आय के स्रोत।
- मदरसे में पढ़ाए जाने वाले कोर्स की जानकारी।
- मदरसा किस संस्था या गैर सरकारी समूह से संबद्ध।
मदरसों का सर्वे उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश
बता दें कि गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे वहां शिक्षा ले रहे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश है। सरकार सर्वेक्षण कराकर शिक्षा की गुणवत्ता, भोजन, जल, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब आदि की वास्तविक स्थिति जानना चाहती है, ताकि मदरसों को बेहतर बनाया जा सके। सरकार मुसलमानों की हितैषी है और उनका शैक्षिक स्तर उठाना चाहती है।