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कानपुर: बुखार और डेंगू की चपेट में 30 हजार लोग, बड़ी संख्या में बच्चे भी चपेट में
Fri, 03 Sep 2021 12:04 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 03 Sep 2021 12:04 PM IST
सार
कानपुर सहित आसपास के जिलों से ओपीडी में आने वाले नए 60 हजार रोगियों में आधे रोगी वायरल फीवर के हैं। इनमें डेंगू के भी रोगी हैं लेकिन जांच न होने की वजह से पुष्टि नहीं हो रही है। ज्यादातर रोगी घरों में रहकर इलाज कर रहे हैं।
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कानपुर हैलट
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कानपुर में सामान्य वायरल फीवर और डेंगू की चपेट में नगर के करीब 30 हजार लोग हैं। वायरल फीवर घर-घर में घुसा है। सरकारी और निजी अस्पतालों और डॉक्टरों की क्लीनिकों में इस वक्त करीब 75 हजार रोगियों की ओपीडी हो रही है। इनमें कुछ रोगी तो फॉलोअप में आ रहे हैं।
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ओपीडी में आने वाले नए 60 हजार रोगियों में आधे रोगी वायरल फीवर के हैं। इनमें डेंगू के भी रोगी हैं लेकिन जांच न होने की वजह से पुष्टि नहीं हो रही है। ज्यादातर रोगी घरों में रहकर इलाज कर रहे हैं। गंभीर रोगी अस्पताल पहुंच रहे हैं। हैलट, उर्सला, केपीएम हॉस्पिटल, कांशीराम हॉस्पिटल तथा शहर के सभी नर्सिंगहोमों और गली-मोहल्लों में क्लीनिक चला रहे निजी डॉक्टरों के यहां 75 हजार से अधिक रोगियों की प्रतिदिन ओपीडी होती है।
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ओपीडी में नगर के अलावा आसपास के जिलों के लोग भी आते हैं। इस वक्त सबसे अधिक रोगी वायरल फीवर के आ रहे हैं। इनमें डेंगू, फ्लू, इंफ्लुइंजा आदि वायरल संक्रमण के रोगी हैं। सभी को मिलाकर 30 हजार रोगियों का आकलन है। इनमें सीएचसी, पीएचसी पर आने वाले रोगी भी शामिल हैं।
आकलन के मुताबित छह सौ बुखार के रोगी अस्पताल में भर्ती हैं। हैलट इमरजेंसी, मेडिसिन विभाग, बालरोग अस्पताल तथा उर्सला केपीएम मिलाकर दो सौ रोगी सरकारी अस्पतालों में हैं। इसके अलावा पंजीकृत और अवैध नर्सिंगहोमों को मिला लिया जाए तो इनमें चार सौ बुखार के रोगी भर्ती हैं।
तक 14 रोगियों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा निजी पैथोलॉजियों की जांच में भी डेंगू पॉजिटिव निकल रहे। सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह का कहना है कि यह मौसमी बीमारियों का सीजन है। बचाव के तरीके अपनाकर बीमार होने से बचा जा सकता है।