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एक महीने में 25 कोरोना विजेताओं ने डोनेेट किया प्लाज्मा, अमर उजाला पहल रंग लाई, 22 रोगियों को दी गई थेरपी
Mon, 17 Aug 2020 03:07 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 17 Aug 2020 03:07 PM IST
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प्लाज्मा डोनर
- फोटो : amar ujala
कानपुर जीएसवीएम मेडिकल कालेज के ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग में प्लाज्मा थेरेपी शुरू हुए रविवार को एक महीना पूरा हो गया है। अमर उजाला पहल के तहत कोरोना विजेताओं से अपील करके 25 प्लाज्मा डोनेशन कराया गया। जिन 22 लोगों को प्लाज्मा थेरेपी दी गई है। उनमें दो रोगी गंभीर स्थिति से बाहर निकल आए और ठीक होकर घर चले गए।
दो रोगी ठीक हुए हैं, उनमें श्याम नगर की एक महिला रोगी अति गंभीर हालत में रही हैं और दूसरा रोगी बाई पेप पर रहा है। प्लाज्मा थेरेपी की शुरुआत अति गंभीर रोगी और गंभीर हो रहे रोगियों पर अलग-अलग शुरू की गई। दो अति गंभीर रोगियों पर थेरेपी ने अधिक काम नहीं किया और कुछ घंटों के बाद रोगियों की मौत हो गई।
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दो रोगी ठीक हुए हैं, उनमें श्याम नगर की एक महिला रोगी अति गंभीर हालत में रही हैं और दूसरा रोगी बाई पेप पर रहा है। प्लाज्मा थेरेपी की शुरुआत अति गंभीर रोगी और गंभीर हो रहे रोगियों पर अलग-अलग शुरू की गई। दो अति गंभीर रोगियों पर थेरेपी ने अधिक काम नहीं किया और कुछ घंटों के बाद रोगियों की मौत हो गई।
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लेकिन मॉडरेट रोगियों पर इस थेरेपी ने उम्मीद की नई किरण दिखाई। दिन रोगियों के फेफड़ों में निमोनिया की शुरुआत हुई, उन्हें सांस लेने में तकलीफ शुरू हो गई थी और आक्सीजन का सेच्युरेशन कम हो रहा था, उनमें जब यह थेरेपी दी गई तो इसने नई उम्मीद जगा दी। मॉडरेट रोगी सीवियर की श्रेणी में नहीं आए और ठीक होने लगे।
इस वक्त 18 रोगियों पर यह थेरेपी आजमाई जा रही है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग प्रभारी डॉ. लुबना खान का कहना है कि अगर प्लाज्मा मिले तो बहुत से रोगियों की जान बचाई जा सकती है। इस पर अमर उजाला ने कोरोना विजेताओं को प्लाज्मा डोनेट करने के लिए पहल अभियान शुरू किया।
इस अभियान का नतीजा यह रहा है कि कोरोना विजेता लगातार प्लाज्मा डोनेट कर रहे हैं। जिस रोगी को जरूरत पड़ती है एक फोन कॉल में उसे प्लाज्मा मिल जाता है। 25 कोरोना विजेता प्लाज्मा दे चुके हैं और इतने ही लोगों ने प्लाज्मा डोनेट करने के लिए सूची में अपना नाम दर्ज कराया है।
इस वक्त 18 रोगियों पर यह थेरेपी आजमाई जा रही है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग प्रभारी डॉ. लुबना खान का कहना है कि अगर प्लाज्मा मिले तो बहुत से रोगियों की जान बचाई जा सकती है। इस पर अमर उजाला ने कोरोना विजेताओं को प्लाज्मा डोनेट करने के लिए पहल अभियान शुरू किया।
इस अभियान का नतीजा यह रहा है कि कोरोना विजेता लगातार प्लाज्मा डोनेट कर रहे हैं। जिस रोगी को जरूरत पड़ती है एक फोन कॉल में उसे प्लाज्मा मिल जाता है। 25 कोरोना विजेता प्लाज्मा दे चुके हैं और इतने ही लोगों ने प्लाज्मा डोनेट करने के लिए सूची में अपना नाम दर्ज कराया है।