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किसान परेशान, गेहूं खरीद का आज अंतिम दिन
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। आखिरकार गेहूं खरीद का अंतिम दिन आ गया लेकिन किसानों की मुसीबतें कम नहीं हुईं। कई केंद्रों पर उठान न होने से अघोषित रूप से खरीद बंद होने के बाद किसान अभी भी अपनी उपज बेचने के लिए एक से दूसरे केंद्र पर भटकने को मजबूर है। अन्नदाता को सरकारी खरीद का लाभ दिलाने की बजाए अफसर किसी तरह से समय पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। एक सप्ताह पहले भंडारण के लिए चयनित की गई मगरवारा वूलेन मिल को शुरू नहीं किया जा सका है।
जिले में दो अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हुई थी। लक्ष्य 44200 मीट्रिक टन का दिया गया था। वैसे खाद्य एवं विपणन विभाग के दावों की मानें तो खरीद तो 53892 (13 जून तक) मीट्रिक टन की हो चुकी है लेकिन दूसरी ओर अभी भी किसान केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। कुछ केंद्रों पर तो अन्नदाता खरीद होने की उम्मीद में कई दिनों से डेरा जमाए हुए हैं। वहीं केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं का उठान न होने से प्रभारियों ने अघोषित रूप से खरीद बंद कर दी है। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
विभागीय दावों में भी बुधवार तक 39590 मीट्रिक टन गेहूं गोदाम तक पहुंच गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अभी भी 14302 एमटी गेहूं केंद्रों पर ही डंप पड़ा है। जानकारों की मानें तो एफसीआई के पास भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जिला प्रशासन ने जो भंडारण केंद्र निर्धारित किए थे उनमें से भी अधिकांश फुल हो गए थे। इसको देखते हुए पूर्व में मगरवारा में एक वूलेन मिल को भंडारण के लिए चयनित किया गया था। बड़ी बात यह है कि खरीद का अंतिम दिन आ गया है लेकिन अभी तक भंडारण के लिए वूलेन मिल को खोला नहीं जा सका है। जिससे किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो पाई हैं।
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दही चौकी स्थित वेयरहाउस भंडारण के लिए बड़ा सेंटर है। हालांकि पूर्व में जिले में हुई खरीद पर सबसे पहले यहीं पर गेहूं भंडारित किया गया था। इसी बीच पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) का खाद्यान्न आ गया। जिससे गोदाम में गेहूं रखने की जगह नहीं बची। परिणामस्वरूप यहां पर गेहूं का भंडारण रोक दिया गया। अब दो दिन पहले ही यहां से पीडीएस का खाद्यान्न उठान की कार्रवाई शुरू की गई है। जानकारों की मानें तो उठान में एफसीआई ने जमकर हीलाहवाली और लापरवाही बरती जिसके चलते केंद्रों से समय पर गेहूं नहीं उठ पाया। खुले में रखे गेहूं के बारिश से खराब होने की आशंका को देख प्रभारियों ने आगे खरीद करने से मना कर दिया। जिससे जिले का अन्नदाता अपनी उपज बेचने के लिए खासा परेशान हुआ।
-कई खरीद केंद्रों पर उठान न होने से भारी मात्रा में डंप है गेहूं भरे बोरे
-प्रभारियों ने बंद कर रखी है खरीद, उपज बेचने के लिए भटक रहे किसान
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उन्नाव। आखिरकार गेहूं खरीद का अंतिम दिन आ गया लेकिन किसानों की मुसीबतें कम नहीं हुईं। कई केंद्रों पर उठान न होने से अघोषित रूप से खरीद बंद होने के बाद किसान अभी भी अपनी उपज बेचने के लिए एक से दूसरे केंद्र पर भटकने को मजबूर है। अन्नदाता को सरकारी खरीद का लाभ दिलाने की बजाए अफसर किसी तरह से समय पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। एक सप्ताह पहले भंडारण के लिए चयनित की गई मगरवारा वूलेन मिल को शुरू नहीं किया जा सका है।
जिले में दो अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हुई थी। लक्ष्य 44200 मीट्रिक टन का दिया गया था। वैसे खाद्य एवं विपणन विभाग के दावों की मानें तो खरीद तो 53892 (13 जून तक) मीट्रिक टन की हो चुकी है लेकिन दूसरी ओर अभी भी किसान केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। कुछ केंद्रों पर तो अन्नदाता खरीद होने की उम्मीद में कई दिनों से डेरा जमाए हुए हैं। वहीं केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं का उठान न होने से प्रभारियों ने अघोषित रूप से खरीद बंद कर दी है। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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विभागीय दावों में भी बुधवार तक 39590 मीट्रिक टन गेहूं गोदाम तक पहुंच गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अभी भी 14302 एमटी गेहूं केंद्रों पर ही डंप पड़ा है। जानकारों की मानें तो एफसीआई के पास भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जिला प्रशासन ने जो भंडारण केंद्र निर्धारित किए थे उनमें से भी अधिकांश फुल हो गए थे। इसको देखते हुए पूर्व में मगरवारा में एक वूलेन मिल को भंडारण के लिए चयनित किया गया था। बड़ी बात यह है कि खरीद का अंतिम दिन आ गया है लेकिन अभी तक भंडारण के लिए वूलेन मिल को खोला नहीं जा सका है। जिससे किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो पाई हैं।
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दही चौकी स्थित वेयरहाउस भंडारण के लिए बड़ा सेंटर है। हालांकि पूर्व में जिले में हुई खरीद पर सबसे पहले यहीं पर गेहूं भंडारित किया गया था। इसी बीच पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) का खाद्यान्न आ गया। जिससे गोदाम में गेहूं रखने की जगह नहीं बची। परिणामस्वरूप यहां पर गेहूं का भंडारण रोक दिया गया। अब दो दिन पहले ही यहां से पीडीएस का खाद्यान्न उठान की कार्रवाई शुरू की गई है। जानकारों की मानें तो उठान में एफसीआई ने जमकर हीलाहवाली और लापरवाही बरती जिसके चलते केंद्रों से समय पर गेहूं नहीं उठ पाया। खुले में रखे गेहूं के बारिश से खराब होने की आशंका को देख प्रभारियों ने आगे खरीद करने से मना कर दिया। जिससे जिले का अन्नदाता अपनी उपज बेचने के लिए खासा परेशान हुआ।
-कई खरीद केंद्रों पर उठान न होने से भारी मात्रा में डंप है गेहूं भरे बोरे
-प्रभारियों ने बंद कर रखी है खरीद, उपज बेचने के लिए भटक रहे किसान