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दस्यु कलुआ गैंग के गुर्गे को छह साल की कैद
Updated Fri, 22 Sep 2017 11:31 PM IST
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फर्रुखाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अब्दुल मोबीन ने पुलिस मुठभेड़ मुकदमे के दोषसिद्ध अभियुक्त जवाहर लाल यादव को छह साल की सजा सुनाते हुए छह हजार रुपये का जुर्माना भीा लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर पांच माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। जवाहर कलुआ गैंग के सदस्य रहा है।
विदित हो कि 13 जून 2003 को गांव किन्नर नगला की कटरी में कांबिंग के दौरान दस्यु कलुआ गैंग के सदस्यों से पुलिस की मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में बदमाश फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे। उस समय कंपिल थानाध्यक्ष भरत सिंह ने इस मामले में कल्लू उर्फ पहलवान, जलालाबाद थाने के गांव चचुआपुर
निवासी नरेश धीमर और कायमगंज के गांव मोती नगला निवासी जवाहर लाल यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर जवाहर यादव ने अदालत में समर्पण किया था। पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव के अलावा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गजाला
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तबस्सुम ने दलीले पेश की। अदालत ने जवाहर लाल यादव को दोषी करार देते हुए धारा 147 आईपीसी में एक साल की सजा, धारा 148 आईपीसी के जुर्म में दो साल की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया। धारा 307/149आईपीसी के जुर्म में छह साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना न देने पर पांच माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है। सभी सजाएं एक साथ चलने का आदेश दिया गया है।
कलुआ गैंग के जवाहर को छह साल की कैद
अदालत ने छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
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विदित हो कि 13 जून 2003 को गांव किन्नर नगला की कटरी में कांबिंग के दौरान दस्यु कलुआ गैंग के सदस्यों से पुलिस की मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में बदमाश फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे। उस समय कंपिल थानाध्यक्ष भरत सिंह ने इस मामले में कल्लू उर्फ पहलवान, जलालाबाद थाने के गांव चचुआपुर
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निवासी नरेश धीमर और कायमगंज के गांव मोती नगला निवासी जवाहर लाल यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर जवाहर यादव ने अदालत में समर्पण किया था। पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव के अलावा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गजाला
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तबस्सुम ने दलीले पेश की। अदालत ने जवाहर लाल यादव को दोषी करार देते हुए धारा 147 आईपीसी में एक साल की सजा, धारा 148 आईपीसी के जुर्म में दो साल की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया। धारा 307/149आईपीसी के जुर्म में छह साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना न देने पर पांच माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है। सभी सजाएं एक साथ चलने का आदेश दिया गया है।
कलुआ गैंग के जवाहर को छह साल की कैद
अदालत ने छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो