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मुख्य सचिव ने मांगा कर्जदार किसानों का ब्योरा
Updated Sat, 17 Jun 2017 12:35 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। मुख्य सचिव ने जिले की सभी बैंकों से किसानों पर बकाया फसली ऋण और ऋण माफी योजना के दायरे में आने वाले लघु व सीमांत किसानों का ब्योरा तलब किया है। सूत्रों के मुताबिक अगले माह यानी जुलाई से किसानों को बैंकों की ओर से ऋण माफी के प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
बैंक ऋण माफ होने का इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहत की बात है। सराकार ने ऋणमाफी की घोषणा को अमली जामा पहनाने के तेजी से कमद बढ़ाए हैं। मालूम हो कि जिले 1,13, 62 किसानों ने विभिन्न बैंकों से 1401.3 करोड़ रुपये का फसली ऋण ले रखा है। इमें से 90 फीसदी लघू और सीमांत किसान हैं जिन्हें ऋण माफी योजना का लाभ मिलेगा।
जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के सचिव व मुख्यकार्य पालक अधिकारी हरिश्चंद्र दीक्षित ने बताया कि मुख्य सचिव राहुल भटनागर के निर्देश पर 31 मार्च 2016 तक फसली ऋण लेने वाले लघु व सीमांत कृषकों का बकाया तैयार किया जा रहा है। बताया कि ऋण माफी के दायरे में पांच एकड़ भूमि वाले किसान ही शामिल होंगे। जिनका अधिकतम एक लाख रुपया माफ होगा। बताया कि जिला सहकारी बैंक का 51 हजार किसानों पर 22 करोड़ का ऋण बकाया है।
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शासन ने केसीसी अकाउंटों की संख्या। उनमें 31 मार्च 2016 का बैलेंस। इसके अलावा एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक खाते में जमा हुई धनराशि का डाटा मांगा गया है। जिसे तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश भी हैं।
एलडीएम एसपी शाहा ने बताया कि ऋण माफी के दायरे में आने वाले लघु एवं सीमांत किसानों और बकाया का लेखाजोखा सभी बैंकों से मांगा गया है। माफी योजना के दायरे में आने वाले किसानों को बैंकों की ओर से जल्द ही कर्ज माफ होने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। बताया कि जिले के 1,13,62 किसानों पर 1401.3 करोड़ रुपये फसली ऋण बकाया है। बताया कि किसी भी किसान को बकाया जमा करने का नोटिस नहीं दिया गया है।
जिले के 1.13 लाख किसानों पर 1401.3 करोड़ बकाया फसली ऋण
31 मार्च 2016 तक के बकाएदार किसानों का माफ होगा एक लाख फसली ऋण
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उन्नाव। मुख्य सचिव ने जिले की सभी बैंकों से किसानों पर बकाया फसली ऋण और ऋण माफी योजना के दायरे में आने वाले लघु व सीमांत किसानों का ब्योरा तलब किया है। सूत्रों के मुताबिक अगले माह यानी जुलाई से किसानों को बैंकों की ओर से ऋण माफी के प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
बैंक ऋण माफ होने का इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहत की बात है। सराकार ने ऋणमाफी की घोषणा को अमली जामा पहनाने के तेजी से कमद बढ़ाए हैं। मालूम हो कि जिले 1,13, 62 किसानों ने विभिन्न बैंकों से 1401.3 करोड़ रुपये का फसली ऋण ले रखा है। इमें से 90 फीसदी लघू और सीमांत किसान हैं जिन्हें ऋण माफी योजना का लाभ मिलेगा।
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जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के सचिव व मुख्यकार्य पालक अधिकारी हरिश्चंद्र दीक्षित ने बताया कि मुख्य सचिव राहुल भटनागर के निर्देश पर 31 मार्च 2016 तक फसली ऋण लेने वाले लघु व सीमांत कृषकों का बकाया तैयार किया जा रहा है। बताया कि ऋण माफी के दायरे में पांच एकड़ भूमि वाले किसान ही शामिल होंगे। जिनका अधिकतम एक लाख रुपया माफ होगा। बताया कि जिला सहकारी बैंक का 51 हजार किसानों पर 22 करोड़ का ऋण बकाया है।
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शासन ने केसीसी अकाउंटों की संख्या। उनमें 31 मार्च 2016 का बैलेंस। इसके अलावा एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक खाते में जमा हुई धनराशि का डाटा मांगा गया है। जिसे तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश भी हैं।
एलडीएम एसपी शाहा ने बताया कि ऋण माफी के दायरे में आने वाले लघु एवं सीमांत किसानों और बकाया का लेखाजोखा सभी बैंकों से मांगा गया है। माफी योजना के दायरे में आने वाले किसानों को बैंकों की ओर से जल्द ही कर्ज माफ होने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। बताया कि जिले के 1,13,62 किसानों पर 1401.3 करोड़ रुपये फसली ऋण बकाया है। बताया कि किसी भी किसान को बकाया जमा करने का नोटिस नहीं दिया गया है।
जिले के 1.13 लाख किसानों पर 1401.3 करोड़ बकाया फसली ऋण
31 मार्च 2016 तक के बकाएदार किसानों का माफ होगा एक लाख फसली ऋण