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झींझक में ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में बंद किए मवेशी
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कानपुर देहात/झींझक। किसानों की तैयार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे छुट्टा मवेशी अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। एक ओर जहां फसलों को रौंद रहे हैं, वहीं मुख्य मार्गों पर दुर्घटना का कारण भी बन रहे हैं। शनिवार को झींझक ब्लाक के आक्रोशित किसानों ने करीब 100 छुट्टा मवेशियों को स्कूल परिसर में ले जाकर बंद कर दिया। हालांकि तहसील प्रशासन ने पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराया, जिसके बाद मवेशियों को वहां से निकाला गया।
झींझक ब्लॉक के अनंतपुर धौकल गांव में शनिवार सुबह क्षेत्र के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित किसानों ने करीब 100 छुट्टा मवेशियों को ले जाकर प्राथमिक विद्यालय अनंतपुर धौकल में बंद कर दिया। इससे विद्यालय में हड़कंप मच गया। स्कूल में हेड मास्टर सुनील कुमार व सहायक अध्यापिका रमा शुक्ला, शिक्षामित्र सुनीता करीब 38 बच्चों को पढ़ा रहे थे। छुट्टा मवेशी पहुंचते ही स्कूल स्टाफ बच्चों को साथ लेकर विद्यालय की चाहरदीवारी फांदकर बाहर भागे। स्कूल प्रबंधन ने गांव में ही एक ग्रामीण के दरवाजे पर बच्चों को बैठाकर शिक्षण कार्य किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल में गेट में ताला डालकर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीण शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। वहीं, स्कूल प्रबंधन की सूचना पर करीब एक घंटे बाद मंगलपुर निरीक्षक तुलसीराम पांडेय व खंड शिक्षाधिकारी ज्ञान प्रकाश अवस्थी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण नारेबाजी करते रहे। करीब 6 घंटे तक चले हंगामे के बाद एसडीएम डेरापुर भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि सर्द रातों में वह फसलों की रखवाली करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। वहीं, एक दिन चूकने पर कई माह की मेहनत छुट्टा मवेशी बर्बाद कर रहे हैं। एसडीएम दीपाली कौशिक के समझाने व एक सप्ताह में आवारा मवेशियों के लिए आश्रय स्थल की व्यवस्था करने पर किसान शांत हुए। इसके बाद स्कूल गेट का ताला खोलकर मवेशियों को बाहर निकाला गया। एसडीएम डेरापुर दीपाली कौशिक ने बताया कि छुट्टा मवेशियों के लिए एक सप्ताह में व्यवस्था की जाएगी।
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झींझक ब्लॉक के अनंतपुर धौकल गांव में शनिवार सुबह क्षेत्र के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित किसानों ने करीब 100 छुट्टा मवेशियों को ले जाकर प्राथमिक विद्यालय अनंतपुर धौकल में बंद कर दिया। इससे विद्यालय में हड़कंप मच गया। स्कूल में हेड मास्टर सुनील कुमार व सहायक अध्यापिका रमा शुक्ला, शिक्षामित्र सुनीता करीब 38 बच्चों को पढ़ा रहे थे। छुट्टा मवेशी पहुंचते ही स्कूल स्टाफ बच्चों को साथ लेकर विद्यालय की चाहरदीवारी फांदकर बाहर भागे। स्कूल प्रबंधन ने गांव में ही एक ग्रामीण के दरवाजे पर बच्चों को बैठाकर शिक्षण कार्य किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल में गेट में ताला डालकर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीण शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। वहीं, स्कूल प्रबंधन की सूचना पर करीब एक घंटे बाद मंगलपुर निरीक्षक तुलसीराम पांडेय व खंड शिक्षाधिकारी ज्ञान प्रकाश अवस्थी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण नारेबाजी करते रहे। करीब 6 घंटे तक चले हंगामे के बाद एसडीएम डेरापुर भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि सर्द रातों में वह फसलों की रखवाली करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। वहीं, एक दिन चूकने पर कई माह की मेहनत छुट्टा मवेशी बर्बाद कर रहे हैं। एसडीएम दीपाली कौशिक के समझाने व एक सप्ताह में आवारा मवेशियों के लिए आश्रय स्थल की व्यवस्था करने पर किसान शांत हुए। इसके बाद स्कूल गेट का ताला खोलकर मवेशियों को बाहर निकाला गया। एसडीएम डेरापुर दीपाली कौशिक ने बताया कि छुट्टा मवेशियों के लिए एक सप्ताह में व्यवस्था की जाएगी।
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