{"_id":"5c834862bdec221435565607","slug":"200-startups-will-be-started-by-2020-in-iit-kanpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आईआईटी कानपुर में 2020 तक शुरू कराए जाएंगे 200 स्टार्टअप, इन्हें मिलेगा फायदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईआईटी कानपुर में 2020 तक शुरू कराए जाएंगे 200 स्टार्टअप, इन्हें मिलेगा फायदा
Sat, 09 Mar 2019 10:36 AM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 09 Mar 2019 10:36 AM IST
विज्ञापन
आईआईटी कानपुर
आईआईटी कानपुर के इंक्यूबेशन सेंटर में 2020 तक दो सौ स्टार्टअप कंपनियां शुरू कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसकी जिम्मेदारी आठ सदस्यीय प्रोफेसरों की टीम को दी गई है।
शुक्रवार को आईआईटी प्रशासन ने इसके लिए इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन कोआर्डिनेशन एडवायजरी कमेटी की घोषणा की। इसमें प्रत्येक विभाग से एक-एक प्रोफेसर शामिल किए गए हैं। कमेटी के प्रभारी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर के इंचार्ज प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय होंगे।
सदस्य के तौर पर सिविल इंजीनियरिंग के प्रो. तरुण गुप्ता, प्रो. अश्विनी ठाकुर, प्रो. मैनक दास, प्रो. सलिल गोयल, प्रो. अंकुश शर्मा, प्रो. इंद्रनील साहा और प्रो. जे राजकुमार होंगे। इस कमेटी को 2020 तक का लक्ष्य दिया गया है। इन दो वर्षों में तकनीक के साथ एग्रीकल्चर, मेडिकल और सर्विस सेक्टर के स्टार्टअप पर काम करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को आईआईटी प्रशासन ने इसके लिए इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन कोआर्डिनेशन एडवायजरी कमेटी की घोषणा की। इसमें प्रत्येक विभाग से एक-एक प्रोफेसर शामिल किए गए हैं। कमेटी के प्रभारी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर के इंचार्ज प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय होंगे।
विज्ञापन
सदस्य के तौर पर सिविल इंजीनियरिंग के प्रो. तरुण गुप्ता, प्रो. अश्विनी ठाकुर, प्रो. मैनक दास, प्रो. सलिल गोयल, प्रो. अंकुश शर्मा, प्रो. इंद्रनील साहा और प्रो. जे राजकुमार होंगे। इस कमेटी को 2020 तक का लक्ष्य दिया गया है। इन दो वर्षों में तकनीक के साथ एग्रीकल्चर, मेडिकल और सर्विस सेक्टर के स्टार्टअप पर काम करना होगा।
विज्ञापन
Trending Videos
आर्थिक मदद के साथ मिलेगी जगह
आईआईटी प्रशासन ने खाका तैयार किया है कि जिन स्टार्टअप कंपनियों को यहां इंक्यूबेट (स्थापित) कराना है, उन्हें आर्थिक मदद भी दी जाएगी। इसके अलावा कंपनी का ऑफिस सेटअप करने के लिए इंक्यूबेशन सेंटर में स्थान भी दिया जाएगा। कंपनियां आईआईटी के विभिन्न शोध लैबों का भी प्रयोग कर सकेंगी।
बाहरी युवाओं को भी मिलेगा मौका
सिडबी इनोवेशन सेंटर के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय ने बताया कि इंक्यूबेशन सेंटर में बाहरी युवाओं को भी स्टार्टअप शुरू करने का पर्याप्त मौका मिलेगा। कोई भी अपना आइडिया सिडबी को भेज सकता है। आइडिया का कॉन्सेप्ट समझने के बाद उसे प्रजेंटेशन देने के लिए बुलाया जाएगा।
आईआईटी प्रशासन ने खाका तैयार किया है कि जिन स्टार्टअप कंपनियों को यहां इंक्यूबेट (स्थापित) कराना है, उन्हें आर्थिक मदद भी दी जाएगी। इसके अलावा कंपनी का ऑफिस सेटअप करने के लिए इंक्यूबेशन सेंटर में स्थान भी दिया जाएगा। कंपनियां आईआईटी के विभिन्न शोध लैबों का भी प्रयोग कर सकेंगी।
बाहरी युवाओं को भी मिलेगा मौका
सिडबी इनोवेशन सेंटर के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय ने बताया कि इंक्यूबेशन सेंटर में बाहरी युवाओं को भी स्टार्टअप शुरू करने का पर्याप्त मौका मिलेगा। कोई भी अपना आइडिया सिडबी को भेज सकता है। आइडिया का कॉन्सेप्ट समझने के बाद उसे प्रजेंटेशन देने के लिए बुलाया जाएगा।