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यूपी: एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने के नाम पर छात्रा से 20 लाख ठगे, ऐसे खुला मामला

Wed, 06 Apr 2022 12:09 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 06 Apr 2022 12:09 AM IST
सार

एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने के नाम पर छात्रा से ठगी का मामला सामने आया है। हाजिरी लगाने में नाम न लिए जाने पर मामला खुला तो हड़कंप मच गया।

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20 lakh cheated in the name of getting admission in MBBS
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस नए सत्र में प्रवेश दिलाने के नाम पर ठगों ने 20 लाख रुपये ठग लिए। मंगलवार को कक्षा में हाजिरी में जब छात्रा का नाम नहीं लिया गया तो उसने पूछा। इसके बाद हड़कंप मच गया। छानबीन शुरू हुई तो पता चला कि सूची में महानिदेशालय से उसका नाम ही नहीं आया। छात्रा ने अपना एलाटमेंट लेटर दिखाया।
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पता चला कि पूर्व महानिदेशक डॉ. केके गुप्ता के नाम से ठगों ने फर्जी लेटर जारी कर दिया। ठगों ने 27 हजार रुपये बैंक में जमा करके रसीद भी दी थी। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने थाना स्वरूपनगर पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी फुटेज निकाले गए तो ठग पोर्टिको में नजर आए। पीड़िता ने थाने में तहरीर दी। इस पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई।
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मंगलवार दोपहर डॉ. जलज सक्सेना की कक्षा में 249 छात्र-छात्राओं की हाजिरी ली गई। इस पर उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की के रहने वाले महक सिंह सैनी की पुत्री अपूर्वा सैनी खड़ी हो गईं कि उनका नाम नहीं लिया गया। इस पर डॉ. सक्सेना ने कहा कि उनका नाम नहीं है। अपूर्वा ने एलॉटमेंट लेटर दिखाया और ट्युशन फीस जमा करने संबंधी एसबीआई की रसीद दिखाई।
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इस पर स्टूडेंट्स सेक्शन के लिपिक से महानिदेशालय चिकित्सा शिक्षा से आई सूची मंगाई गई तो उसमें भी नाम नहीं था। इस पर हड़ंकप मचा। प्राचार्य डॉ. काला को सूचना दी गई और छानबीन शुरू हुई। छात्रा ने बताया कि एडमिशन कराने के नाम पर 20 लाख रुपये लिए गए हैं। इसके अलावा 27 हजार रुपये उसने ट्यूशन फीस के नाम पर दिए थे। छात्रा से पूरा माजरा पूछा गया।

अपूर्वा ने बताया कि उसके पिता सहारनपुर में फार्मासिस्ट हैं। उसने नीट यूजी-2001 की परीक्षा दी थी। लेकिन कम नंबर आए थे। उसे उत्तराखंड के एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल रहा था। उसके पास फोन आया कि केंद्रीय मंत्रालय के कोटे से एडमिशन मिल सकता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एक सीट खाली है। पहले 20 लाख रुपये लगेंगे।

इसके बाद सिर्फ सरकारी फीस ही देनी होगी। फोन करने वाले ने पूरा ब्यौरा मांगा और दिल्ली बुलाया। इस पर महक सिंह पुत्री को लेकर दिल्ली गए। एलाटमेंट लेटर ऑन लाइन भेज दिया गया। 24 मार्च को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज बुलाया। कॉलेज के बाहर पेट्रोल पंप के पास तीन व्यक्ति कार में मिले।

20 लाख रुपये लेकर कालेज के मुख्य भवन के अंदर आए गए। कॉलेज की बैंक शाखा में 27 हजार फीस जमा कराई और रसीद दी। यह पता नहीं फीस किसके नाम जमा कराई। छात्रा से कहा कि चार अप्रैल से क्लास शुरू होगी। छात्रा को गर्ल्स हॉस्टल के पास छोड़ गए। छात्रा हॉस्टल में रहती रही और कक्षा में भी आती रही। उसका नाम न पुकारे जाने पर मंगलवार को उसने पूछा तो ठगी का भंडाफोड़ हो गया।

सीसीटीवी फुटेज में एक 60 साल का व्यक्ति टाई लगाए दिख रहा है। दो और दिखे हैं। मुंह पर मास्क लगाए नजर आ रहे हैं। छात्रा के पिता की ओर से स्वरूपनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दिलाई गई है।- डॉ. संजय काला

छात्रा और उसके पिता के साथ ठगी हुई है। कालेज में खाली एक सीट पर प्रवेश का लालच दिया गया था। तहरीर आ गई। मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। मामले की और भी छानबीन की जाएगी।- धनंजय पांडेय, इंस्पेक्टर स्वरूपनगर

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