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जामुन धोने गए बालक की नहर में डूबने से मौत
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:02 AM IST
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जामुन धोने गए बालक की नहर में डूबने से मौत
अजीतमल। क्षेत्र के अमावता गांव की नहर में जामुन धोने के दौरान पैर फिसलने से बालक नहर में डूब गया। भाई ने शोर मचाया तो ग्रामीणों ने उसे नहर से बाहर निकाला और आनन-फानन सीएचसी ले गए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
क्षेत्र के पचदेवरा गांव के पूर्व प्रधान श्रीकृष्ण गुर्जर के नाती अवनीश (8) व पियूष (5) एक प्राइवेट विद्यालय में पढ़ते हैं। स्कूल की छुट्टी होने के बाद वह दोनों साइकिल से कोचिंग पढ़ने के लिए जा रहे थे। रास्ते में अमावता गांव के बाहर स्थित नहर का पुल निर्माणाधीन है। दोनों भाई नहर किनारे जामुन के पेड़ से जामुन बीनकर धोने के लिए नहर किनारे पहुंच गए।
संतुलन बिगड़ने से अवनीश नहर में गिर गया। यह देख पियूष ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आनन-फानन में ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला। सूचना पर पहुंचे परिजन उसे आनन-फानन में सीएचसी ले गए। यहां पर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। अवनीश की मौत होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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रोज चचेरे भाइयों के साथ आता था घर
अवनीश अपनी साइकिल पर अपने छोटे भाई पीयूष को बैठाकर स्कूल जाया करता था। उसके साथ दो चचेरे भाई दीपेंद्र और अमन भी साइकिल से जाते थे। शनिवार को दीपेंद्र और अमन पहले ही निकल गए। पीछे अवनीश अपने भाई के साथ नहर किनारे जामुन बीनने लगा। जिसे दीपेंद्र और अमन नहीं देख सके और हादसा हो गया।
- साइकिल से कोचिंग पढ़कर घर लौट रहा था छात्र
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अजीतमल। क्षेत्र के अमावता गांव की नहर में जामुन धोने के दौरान पैर फिसलने से बालक नहर में डूब गया। भाई ने शोर मचाया तो ग्रामीणों ने उसे नहर से बाहर निकाला और आनन-फानन सीएचसी ले गए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
क्षेत्र के पचदेवरा गांव के पूर्व प्रधान श्रीकृष्ण गुर्जर के नाती अवनीश (8) व पियूष (5) एक प्राइवेट विद्यालय में पढ़ते हैं। स्कूल की छुट्टी होने के बाद वह दोनों साइकिल से कोचिंग पढ़ने के लिए जा रहे थे। रास्ते में अमावता गांव के बाहर स्थित नहर का पुल निर्माणाधीन है। दोनों भाई नहर किनारे जामुन के पेड़ से जामुन बीनकर धोने के लिए नहर किनारे पहुंच गए।
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संतुलन बिगड़ने से अवनीश नहर में गिर गया। यह देख पियूष ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आनन-फानन में ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला। सूचना पर पहुंचे परिजन उसे आनन-फानन में सीएचसी ले गए। यहां पर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। अवनीश की मौत होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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रोज चचेरे भाइयों के साथ आता था घर
अवनीश अपनी साइकिल पर अपने छोटे भाई पीयूष को बैठाकर स्कूल जाया करता था। उसके साथ दो चचेरे भाई दीपेंद्र और अमन भी साइकिल से जाते थे। शनिवार को दीपेंद्र और अमन पहले ही निकल गए। पीछे अवनीश अपने भाई के साथ नहर किनारे जामुन बीनने लगा। जिसे दीपेंद्र और अमन नहीं देख सके और हादसा हो गया।
- साइकिल से कोचिंग पढ़कर घर लौट रहा था छात्र