{"_id":"6568df662fc9c192bd00dc97","slug":"150-couples-performed-rudrabhishek-in-108-shivlingas-kanpur-news-c-220-1-akb1003-5870-2023-12-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: 150 जोड़ों ने 108 शिवलिंगों में किया रुद्राभिषेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: 150 जोड़ों ने 108 शिवलिंगों में किया रुद्राभिषेक
Fri, 01 Dec 2023 12:46 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 01 Dec 2023 12:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रनियां। मालवर गांव स्थित पंचमुखी मंदिर में सीताराम जप महायज्ञ की शुरुआत सीताराम जप से हुई। चित्रकूट से आए 26 लोगों की टीम 24 घंटे जप करेंगी। गुरुवार को 150 जोड़ों ने 108 शिवलिंग में पहले दिन रुद्राभिषेक किया।
रनियां से मालवर गांव जाने वाले मार्ग पर पंचमुखी मंदिर पर श्री 1008 त्यागी दास जी के संरक्षण में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में बुधवार को कलश यात्रा निकाली गई थी। गुरुवार को कार्यक्रम की शुरुआत सीता राम जप से हुई। चित्रकूट से आए जप करने वाले भक्तों ने सीता राम जप किया। 1008 त्यागी दास जी महाराज ने बताया कि सीता राम जप करने के लिए 26 टीम 24 घंटे जाप करेंगी।
-- -- -- -
बारिश से पड़ा महायज्ञ में खलल
मालवर रोड पर पंचमुखी मंदिर के पास चल रही सीता राम जप महायज्ञ में पहले दिन बारिश हो गई। परिसर में जलभराव की स्थित बन गई। पंडाल में जलभराव होने से रासलीला नहीं हो सकी। बारिश की वजह से आयोजकों ने अलग से तिरपाल बांधकर सीताराम जप किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
रनियां से मालवर गांव जाने वाले मार्ग पर पंचमुखी मंदिर पर श्री 1008 त्यागी दास जी के संरक्षण में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में बुधवार को कलश यात्रा निकाली गई थी। गुरुवार को कार्यक्रम की शुरुआत सीता राम जप से हुई। चित्रकूट से आए जप करने वाले भक्तों ने सीता राम जप किया। 1008 त्यागी दास जी महाराज ने बताया कि सीता राम जप करने के लिए 26 टीम 24 घंटे जाप करेंगी।
विज्ञापन
बारिश से पड़ा महायज्ञ में खलल
मालवर रोड पर पंचमुखी मंदिर के पास चल रही सीता राम जप महायज्ञ में पहले दिन बारिश हो गई। परिसर में जलभराव की स्थित बन गई। पंडाल में जलभराव होने से रासलीला नहीं हो सकी। बारिश की वजह से आयोजकों ने अलग से तिरपाल बांधकर सीताराम जप किया।
विज्ञापन