Kanpur: 15 साल पुराने सरकारी वाहन होंगे कबाड़, 31 मार्च तक किए जाएंगे नष्ट, संभाग में हैं इतनी गाड़ियां
कानपुर संभाग में कार, बाइक समेत सभी तरह के 1278 वाहनों को नष्ट किया जाएगा। वहीं, बजट में यूपी सरकार को नए वाहनों की खरीद के लिए केंद्र ने 300 करोड़ का बजट दिया है।
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कानपुर में परिवहन मंत्रालय की कबाड़ नीति के तहत कानपुर संभाग में 15 साल पुराने 1278 सरकारी वाहनों को 31 मार्च तक नष्ट कर दिया जाएगा। पुलिस की जीप, सरकारी अधिकारियों की कारें, पिकेट ड्यूटी पर तैनात बाइकों, एंबुलेंस समेत सरकारी विभाग के वाहनों को कबाड़ केंद्र में कटवा दिया जाएगा।
केंद्र सरकार ने यूपी सरकार को नए वाहनों की खरीद के लिए 300 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है। यह धनराशि तभी मिलेगी, जब 15 साल पुराने सरकारी वाहनों को नष्ट कर उसका सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाए। कानपुर संभाग के आरटीओ राजेश सिंह ने जिलों के एआरटीओ को इस काम को पूरा कराने के निर्देश दिया है।
कानपुर संभाग के छह जिलों में पुराने वाहनों की स्थिति
कानपुर नगर - 738
कानपुर देहात -197
इटावा - 196
औरैया - 89
फर्रुखाबाद - 35
कन्नौज - 23
निजी वाहनों की आयु प्राधिकरण करेगा निर्धारित
दिल्ली-एनसीआर में 15 साल पुराने वाहनों को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। कानपुर में ऐसे वाहनों की आयु का निर्धारण राज्य परिवहन प्राधिकरण और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण करेगा। अभी तक 15 साल पुराने कॉमर्शियल और 20 साल पुराने निजी वाहनों को कबाड़ घोषित करने की नीति बनी है।
इसके तहत कानपुर समेत यूपी भर में 2007 और उसके पहले खरीदे गए वाहन सड़कों पर नहीं चल सकेंगे। कानपुर में ऐसे करीब एक लाख वाहन हैं। इनको कबाड़ केंद्रों में नष्ट करने के बाद वाहन स्वामी को एक सर्टिफिकेट मिलेगा। इससे पंजीकरण और रोड टैक्स में 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
शासन के निर्देश हैं, लिहाजा संभाग के सभी एआरटीओ के साथ बैठक कर निर्देश दिया गया है कि 31 मार्च 2023 तक 15 साल की आयु पूरी कर चुके सरकारी वाहनों को नष्ट कर दिया जाए। -राजेश सिंह, आरटीओ प्रशासन, कानपुर