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कटरी के गांवों में जंगली कुतों का राज
Updated Tue, 06 Jun 2017 12:19 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गुगरापुर(कन्नौज)। विकास खंड के मटेहना, मुर्रा समेत कई गांवों में जंगली कुत्तों का आतंक है। कुत्तों के डर से शाम के समय गलियों में सन्नाटा छा जाता है। मवेशियों की जंजीरों की आवाजों के सिवा कुछ सुनाई नहीं देता है।
गुगरापुर विकास खंड के कटरी में जंगली कुत्तों ने 31 मई को विशाल (13) को नोचकर मार डाला था। अगले ही दिन दो किशोरियों पर भी हमला किया था। तीन जून को कुत्तों ने मुर्रा गांव के पूरनलाल को दौड़ा लिया था। आम के पेड़ पर चढ़कर जान बचाई थी।
ग्रामीण टीम बनाकर कुत्तों को खदेड़ रहे हैं। वहीं, गांव में भयभीत माता-पिता अपने बच्चों पर नजरें लगाए हुए हैं। बच्चों के खेत की ओर जाने पर रोक लगा दी गई है। जरूरत के समय माता-पिता के साथ बच्चे खेत की ओर जाते हैं।
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मटेहना गांव निवासी मनीष कुमार, रूपलाल कहते हैं कि कुत्तों का भय बना रहता है। खेत में काम करने में मन नहीं लगता है। वहीं, अतुल कुमार व बाबूराम का कहना है कि अब वन विभाग को तेजी से पहल कर कुत्तों को पकड़ना चाहिए। जिससे उन्हें भय से मुक्ति मिल सके।
बोले जिम्मेदार
कुत्तों को पकड़ने लिए जाल की डिमांड की गई है। अभी उनके पास जाल नहीं है। जाल मिलते ही कुत्तों को पकड़ा जाएगा। - आर के सिंह (डीएफओ, कन्नौज)
-जंगली कुत्तों के डर से घरों में कैद हो जाते हैं बच्चे
- टीम बनाकर ग्रामीण कर रहे निगरानी
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गुगरापुर(कन्नौज)। विकास खंड के मटेहना, मुर्रा समेत कई गांवों में जंगली कुत्तों का आतंक है। कुत्तों के डर से शाम के समय गलियों में सन्नाटा छा जाता है। मवेशियों की जंजीरों की आवाजों के सिवा कुछ सुनाई नहीं देता है।
गुगरापुर विकास खंड के कटरी में जंगली कुत्तों ने 31 मई को विशाल (13) को नोचकर मार डाला था। अगले ही दिन दो किशोरियों पर भी हमला किया था। तीन जून को कुत्तों ने मुर्रा गांव के पूरनलाल को दौड़ा लिया था। आम के पेड़ पर चढ़कर जान बचाई थी।
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ग्रामीण टीम बनाकर कुत्तों को खदेड़ रहे हैं। वहीं, गांव में भयभीत माता-पिता अपने बच्चों पर नजरें लगाए हुए हैं। बच्चों के खेत की ओर जाने पर रोक लगा दी गई है। जरूरत के समय माता-पिता के साथ बच्चे खेत की ओर जाते हैं।
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मटेहना गांव निवासी मनीष कुमार, रूपलाल कहते हैं कि कुत्तों का भय बना रहता है। खेत में काम करने में मन नहीं लगता है। वहीं, अतुल कुमार व बाबूराम का कहना है कि अब वन विभाग को तेजी से पहल कर कुत्तों को पकड़ना चाहिए। जिससे उन्हें भय से मुक्ति मिल सके।
बोले जिम्मेदार
कुत्तों को पकड़ने लिए जाल की डिमांड की गई है। अभी उनके पास जाल नहीं है। जाल मिलते ही कुत्तों को पकड़ा जाएगा। - आर के सिंह (डीएफओ, कन्नौज)
-जंगली कुत्तों के डर से घरों में कैद हो जाते हैं बच्चे
- टीम बनाकर ग्रामीण कर रहे निगरानी