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गांव में फैला खसरा, पहुंचे डाक्टर
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:20 AM IST
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कटरी तौफीक के 14 बच्चे खसरा पीड़ित
गांव में स्वास्थ्य टीम ने 43 लोगों का परीक्षण कर बांटी दवा, दो बच्चों की मौत के बाद सक्रिय हुआ स्वास्थ्य विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
शमसाबाद। कस्बे के कटरी तौफीक गांव में खसरे से दो बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली है। शुक्रवार को स्वास्थ्य टीम ने गांव में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में 14 बच्चे खसरा और 43 लोगों को खासी, बुखार व जुकाम से पीड़ित मिले। टीम ने सभी को दवाईयां बांटी।
गांव में करीब एक सप्ताह से खसरा फैला है। ग्रामीणों की सूचना पर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची। इस लापरवाही के कारइ खसरे की चपेट में आने से गुुरुदेव के बेटे जौनी (2) और ब्रह्मदत्त के बेटे राजू (4) की मौत हो गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की नींद खुली और टीम को गांव भेजा। शुक्रवार को डॉ. शिशिर टीम के साथ गांव पहुंचे और पूरे गांव की सफाई व्यवस्था देखी। उन्होंने बताया कि 14 बच्चे खसरा पीड़ित हैं। गांव में गंदगी का अंबार लगा है। ग्रामीणों को सफाई पर विशेष ध्यान रखना होगा। खासी, बुखार, जुकाम और खुजली के करीब 43 मरीज मिले, जिनको दवा दी गई है।
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गांव में स्वास्थ्य टीम ने 43 लोगों का परीक्षण कर बांटी दवा, दो बच्चों की मौत के बाद सक्रिय हुआ स्वास्थ्य विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
शमसाबाद। कस्बे के कटरी तौफीक गांव में खसरे से दो बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली है। शुक्रवार को स्वास्थ्य टीम ने गांव में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में 14 बच्चे खसरा और 43 लोगों को खासी, बुखार व जुकाम से पीड़ित मिले। टीम ने सभी को दवाईयां बांटी।
गांव में करीब एक सप्ताह से खसरा फैला है। ग्रामीणों की सूचना पर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची। इस लापरवाही के कारइ खसरे की चपेट में आने से गुुरुदेव के बेटे जौनी (2) और ब्रह्मदत्त के बेटे राजू (4) की मौत हो गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की नींद खुली और टीम को गांव भेजा। शुक्रवार को डॉ. शिशिर टीम के साथ गांव पहुंचे और पूरे गांव की सफाई व्यवस्था देखी। उन्होंने बताया कि 14 बच्चे खसरा पीड़ित हैं। गांव में गंदगी का अंबार लगा है। ग्रामीणों को सफाई पर विशेष ध्यान रखना होगा। खासी, बुखार, जुकाम और खुजली के करीब 43 मरीज मिले, जिनको दवा दी गई है।
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