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दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास1
Updated Sun, 20 Aug 2017 12:43 AM IST
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उन्नाव। जंगल से लकड़ी बिन कर लौट रही किशोरी दो साल पहले दुष्कर्म करने वाले युवक को आजीवन कारावास के साथ दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
पुरवा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली किशोरी के पिता ने कोतवाली में गांव के ही देवी शंकर के खिलाफ बेटी के साथ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। कोतवाली में पिता की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया था कि 8 मार्च 2015 को उसकी बेटी जंगल में लकड़ी बिनने गई थी। जंगल से लौटते समय
देवीशंकर ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। पिता की तहरीर पर पुलिस ने पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट संख्या दस के अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष ने मामले की सुनवाई की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने देवीशंकर को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद
दस हजार रुपये का लगा अर्थदंड
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पुरवा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली किशोरी के पिता ने कोतवाली में गांव के ही देवी शंकर के खिलाफ बेटी के साथ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। कोतवाली में पिता की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया था कि 8 मार्च 2015 को उसकी बेटी जंगल में लकड़ी बिनने गई थी। जंगल से लौटते समय
देवीशंकर ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। पिता की तहरीर पर पुलिस ने पाक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट संख्या दस के अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष ने मामले की सुनवाई की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने देवीशंकर को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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दस हजार रुपये का लगा अर्थदंड