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कच्चे मकान के मलबे में दबकर अधेड़ की मौत, भाई घायल
Updated Tue, 21 Aug 2018 01:24 AM IST
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पुखरायां/बरौर। विकासखंड मलासा के पचलख गांव में रविवार की देर शाम को कच्चे मकान ढहने से उसके मलबे में दबकर एक अधेड़ की मौत हो गई। वहीं उसका भाई जख्मी हो गया। जिसे इलाज के लिए सीएचसी पुखरायां लाया गया। घटना की सूचना पाकर मौके पर उपजिलाधिकारी राजीव राज, तहसीलदार, नायब तहसीलदार व लेखपाल ने जाकर मौका मुआयना किया।
पचलख के योगेश ने बताया कि उसके पिता सुघर सिंह (48) व ताऊ रामबालक (62) रविवार की देर शाम करीब 8 बजे खाना खाकर घर के बाहर बने कच्चे कमरे में आकर बैठ गए। बताया कि उसके पिता चारपाई पर सो गए व ताऊ बैठे और वह अंदर खाना खाने चला गया। तभी अचानक कमरे से तेेज आवाज आई। बाहर जाकर देखा तो कमरा ढह गया था। ताऊ रामबालक बताया कि छत की धन्नी टूट गई थी। उसने सुघर सिंह को आवाज दी, जब तक वह उठते तब तक छत समेत पूरा कच्चा कमरा ढह गया। ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे पिता को बाहर निकला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बताया कि उसी कमरे में एक बकरी भी बंधी थी, जिसकी भी मलबे में ंदबकर मौत हो गई। वहीं ताऊ रामबालक जख्मी हो गए। आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुखरायां लाया गया।
सुघर सिंह की मौत की सूचना पाकर परिवार में मातम छा गया। ग्राम प्रधान नरेंद्र पाल ने घटना की सूचना तहसील भोगनीपुर में दी। सूचना पाकर मौके पर उपजिलाधिकारी राजीव राज, तहसीलदार लाल सिंह, नायब तहसीलदार संजय सिंह, राजस्व निरीक्षक संतोष कुमार गुप्ता, लेखपाल ज्वाला प्रसाद ने पहुंच कर घटनास्थल का मौका मुआयना किया। वहीं, मृतक की पत्नी सियादुलारी सहित परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया कि उनके पिता को मिलाकर चार भाई थे, जिसमें दो भाइयों की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इस बाबत उपजिलाधिकारी राजीव राज ने बताया कच्चा मकान गिरा है। जिसको दैवी आपदा में लिया गया है, रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
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पचलख के योगेश ने बताया कि उसके पिता सुघर सिंह (48) व ताऊ रामबालक (62) रविवार की देर शाम करीब 8 बजे खाना खाकर घर के बाहर बने कच्चे कमरे में आकर बैठ गए। बताया कि उसके पिता चारपाई पर सो गए व ताऊ बैठे और वह अंदर खाना खाने चला गया। तभी अचानक कमरे से तेेज आवाज आई। बाहर जाकर देखा तो कमरा ढह गया था। ताऊ रामबालक बताया कि छत की धन्नी टूट गई थी। उसने सुघर सिंह को आवाज दी, जब तक वह उठते तब तक छत समेत पूरा कच्चा कमरा ढह गया। ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे पिता को बाहर निकला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बताया कि उसी कमरे में एक बकरी भी बंधी थी, जिसकी भी मलबे में ंदबकर मौत हो गई। वहीं ताऊ रामबालक जख्मी हो गए। आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुखरायां लाया गया।
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सुघर सिंह की मौत की सूचना पाकर परिवार में मातम छा गया। ग्राम प्रधान नरेंद्र पाल ने घटना की सूचना तहसील भोगनीपुर में दी। सूचना पाकर मौके पर उपजिलाधिकारी राजीव राज, तहसीलदार लाल सिंह, नायब तहसीलदार संजय सिंह, राजस्व निरीक्षक संतोष कुमार गुप्ता, लेखपाल ज्वाला प्रसाद ने पहुंच कर घटनास्थल का मौका मुआयना किया। वहीं, मृतक की पत्नी सियादुलारी सहित परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया कि उनके पिता को मिलाकर चार भाई थे, जिसमें दो भाइयों की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इस बाबत उपजिलाधिकारी राजीव राज ने बताया कच्चा मकान गिरा है। जिसको दैवी आपदा में लिया गया है, रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
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