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20 लाख तक के कारोबारी जीएसटी के दायरे से बाहर
Updated Sun, 11 Jun 2017 12:23 AM IST
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इटावा। जीएसटी के माध्यम से भारत एकीकृत साक्षा व्यापार का हिस्सा होगा। यह विचार वाणिज्य कर इटावा के तत्वाधान में विकास भवन के सभागार में आयोजित सेमीनार में सांसद प्रतिनिधि गोपाल मोहन शर्मा ने कहा।
श्री शर्मा ने कहा भारत सरकार की वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली से 20 लाख तक के कारोबारियों को पंजीयन से मुक्त रखा गया है। उन्होंने कहा उत्पादन से लेकर उपभोक्ता के हाथों तक आने वाली वस्तु पर अब तक 20 प्रकार के टेक्स लगाकर बाजार में असमानता और करों की भरमार थी।
जनता को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से जीएसटी को 5,12,18, 28 प्रतिशत टैक्स के साथ चार श्रेणियों में रखा गया है। उन्होंने कहा कि 81 प्रतिशत वस्तुओं पर 18 प्रतिशत तक कर का प्रावधान है।
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विषय विशेषज्ञ प्रतिनिधि कमिश्नर वाणिज्य कर एचएल प्रजापति ने कहा जीएसटी एक जुलाई से पूरे देश में लागू होगी। व्यापारी ऑन लाइन पंजीयन व्यवस्था से जुड़े। कहा कि यह कर किसी भी गुड्स या सर्विसेज के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल में लागू होगा।
उन्होंने कहा कि एक्साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स, स्टोर के सेल्स, इंट्री टैक्स, स्टांप डयूटी, टेलीकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या बिक्री पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे।
ज्वाइंट कमिश्नर ब्रजेश मिश्र ने कहा अभी अलग-अलग सामान पर 30 से 35 प्रतिशत कर अदा करते थे। जीएसटी में कम टैक्स लगेगा। कहा कि जीएसटी 150 देशों में लागू हो चुका है।
सेमीनार में अध्यक्षीय उद्बोधन में एडिशनल कमिश्नर डिप्टी कुमार ने कहा एक मजबूत और व्यापक सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली भारत में जीएसटी व्यवस्था की नींव होगी। इसलिए पंजीकरण, रिटर्न, भुगतान आदि जैसी सभी कर भुगतान सेवाएं कर दाताओं को ऑन लाइन उपलब्ध होगी।
जिससे उसका अनुपालन बहुत सरल व पारदर्शी होगा साथ ही कर दरों और संरचनाओं की एकरूपता करों पर कराधान की समाप्ति, प्रतिस्पर्धा में सुधार के अलावा निर्यातकों को लाभ होगा।
इस मौके पर विनोद सिंह एडिशनल कमिश्नर, सुभाष चंद्र शर्मा ज्वाइंट कमिश्नर, आर के गोयल डिप्टी कमिश्नर, यूसी शर्मा, आशुतोष कुशवाहा के अलावा प्रमुख अधिवक्तागण मौजूद रहे।
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श्री शर्मा ने कहा भारत सरकार की वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली से 20 लाख तक के कारोबारियों को पंजीयन से मुक्त रखा गया है। उन्होंने कहा उत्पादन से लेकर उपभोक्ता के हाथों तक आने वाली वस्तु पर अब तक 20 प्रकार के टेक्स लगाकर बाजार में असमानता और करों की भरमार थी।
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जनता को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से जीएसटी को 5,12,18, 28 प्रतिशत टैक्स के साथ चार श्रेणियों में रखा गया है। उन्होंने कहा कि 81 प्रतिशत वस्तुओं पर 18 प्रतिशत तक कर का प्रावधान है।
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विषय विशेषज्ञ प्रतिनिधि कमिश्नर वाणिज्य कर एचएल प्रजापति ने कहा जीएसटी एक जुलाई से पूरे देश में लागू होगी। व्यापारी ऑन लाइन पंजीयन व्यवस्था से जुड़े। कहा कि यह कर किसी भी गुड्स या सर्विसेज के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल में लागू होगा।
उन्होंने कहा कि एक्साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स, स्टोर के सेल्स, इंट्री टैक्स, स्टांप डयूटी, टेलीकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या बिक्री पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे।
ज्वाइंट कमिश्नर ब्रजेश मिश्र ने कहा अभी अलग-अलग सामान पर 30 से 35 प्रतिशत कर अदा करते थे। जीएसटी में कम टैक्स लगेगा। कहा कि जीएसटी 150 देशों में लागू हो चुका है।
सेमीनार में अध्यक्षीय उद्बोधन में एडिशनल कमिश्नर डिप्टी कुमार ने कहा एक मजबूत और व्यापक सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली भारत में जीएसटी व्यवस्था की नींव होगी। इसलिए पंजीकरण, रिटर्न, भुगतान आदि जैसी सभी कर भुगतान सेवाएं कर दाताओं को ऑन लाइन उपलब्ध होगी।
जिससे उसका अनुपालन बहुत सरल व पारदर्शी होगा साथ ही कर दरों और संरचनाओं की एकरूपता करों पर कराधान की समाप्ति, प्रतिस्पर्धा में सुधार के अलावा निर्यातकों को लाभ होगा।
इस मौके पर विनोद सिंह एडिशनल कमिश्नर, सुभाष चंद्र शर्मा ज्वाइंट कमिश्नर, आर के गोयल डिप्टी कमिश्नर, यूसी शर्मा, आशुतोष कुशवाहा के अलावा प्रमुख अधिवक्तागण मौजूद रहे।