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बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर रहेगी एसटीएफ की नजर
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। आगामी छह फरवरी से शुरू होने जा रहीं यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा को लेकर प्रदेश सरकार के तेवर कड़े हैं। पहली बार बोर्ड परीक्षा में एसटीएफ को भी शामिल किया गया है। एसटीएफ सीधे परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी करेगी। नकल होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई होगी। वहीं, उप्र. माध्यमिक शिक्षा परिषद, इलाहाबाद ने भी बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाये रखने की तैयारियों पर तेजी के साथ अमल करना शुरू कर दिया है। इस बार उन परीक्षा केंद्रों पर खास नजर रखी जा रही है जहां पूर्व में सामूहिक नकल कराने की खबरें मिलतीं रहीं है। इस बार सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बावजूद काफी कड़ाई के साथ बोर्ड परीक्षा कराये जाने की तैयारियां हो चुकी हैं।
बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन कराने के लिए पूरे जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा परीक्षा केंद्रों की संख्या 37 कम होने से पहले से ही खासी बैचेनी है। जनपद में छह परीक्षा केंद्र अति संवेदनशील और 21 संवेदनशील परीक्षा केंद्रों के रुप में पहले ही चिह्नित किये जा चुके हैं। एएसपी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार एसटीएफ सीधे परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी करेगी। नकल होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी। अभी एटीएफ इस बात का पता लगायेगी कि कहीं इस बार किसी केंद्र पर सामूहिक नकल कराये जाने की तैयारियां तो नहीं चल रहीं हैं।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भाजपा की सरकार बनने पर ही यह आभास हो चुका था कि बोर्ड परीक्षाओं में नकल माफियाओं का खेल खत्म होने वाला है। बोर्ड परीक्षा शुरू होने पर ऐसे संकेत भी मिलने लगे थे, जब 3515 परीक्षार्थियों ने परीक्षा ही छोड़ दी थी, इनमें से सबसे ज्यादा हाईस्कूल के परीक्षार्र्थी थे जिनकी संख्या सबसे ज्यादा यानी 2864 थी। यानी भाजपा सरकार बनने पर परीक्षार्थियों में सबसे ज्यादा घबराहट देखने को मिली थी। हालांकि इन सबका असर पिछले वर्ष के परीक्षा परिणाम पर नहीं पड़ा।
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बात हाईस्कूल की करें तो 75 जिलों में इटावा 39वें नंबर पर रहा और परीक्षा परिणाम 80.43 प्रतिशत रहा। कुल मिलाकर26365 परीक्षार्थियों में से इसी प्रकार इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम की बात करें तो जिला इटावा 49वें नंबर पर था और परिणाम 80.75 प्रतिशत था।
-नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए शासन और प्रशासन ने कसी कमर
-एटीएफ सामूहिक नकल वाले केंद्रों की तैयारियों का पता लगाएगी
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इटावा। आगामी छह फरवरी से शुरू होने जा रहीं यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा को लेकर प्रदेश सरकार के तेवर कड़े हैं। पहली बार बोर्ड परीक्षा में एसटीएफ को भी शामिल किया गया है। एसटीएफ सीधे परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी करेगी। नकल होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई होगी। वहीं, उप्र. माध्यमिक शिक्षा परिषद, इलाहाबाद ने भी बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाये रखने की तैयारियों पर तेजी के साथ अमल करना शुरू कर दिया है। इस बार उन परीक्षा केंद्रों पर खास नजर रखी जा रही है जहां पूर्व में सामूहिक नकल कराने की खबरें मिलतीं रहीं है। इस बार सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के बावजूद काफी कड़ाई के साथ बोर्ड परीक्षा कराये जाने की तैयारियां हो चुकी हैं।
बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन कराने के लिए पूरे जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा परीक्षा केंद्रों की संख्या 37 कम होने से पहले से ही खासी बैचेनी है। जनपद में छह परीक्षा केंद्र अति संवेदनशील और 21 संवेदनशील परीक्षा केंद्रों के रुप में पहले ही चिह्नित किये जा चुके हैं। एएसपी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार एसटीएफ सीधे परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी करेगी। नकल होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी। अभी एटीएफ इस बात का पता लगायेगी कि कहीं इस बार किसी केंद्र पर सामूहिक नकल कराये जाने की तैयारियां तो नहीं चल रहीं हैं।
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गौरतलब है कि पिछले वर्ष भाजपा की सरकार बनने पर ही यह आभास हो चुका था कि बोर्ड परीक्षाओं में नकल माफियाओं का खेल खत्म होने वाला है। बोर्ड परीक्षा शुरू होने पर ऐसे संकेत भी मिलने लगे थे, जब 3515 परीक्षार्थियों ने परीक्षा ही छोड़ दी थी, इनमें से सबसे ज्यादा हाईस्कूल के परीक्षार्र्थी थे जिनकी संख्या सबसे ज्यादा यानी 2864 थी। यानी भाजपा सरकार बनने पर परीक्षार्थियों में सबसे ज्यादा घबराहट देखने को मिली थी। हालांकि इन सबका असर पिछले वर्ष के परीक्षा परिणाम पर नहीं पड़ा।
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बात हाईस्कूल की करें तो 75 जिलों में इटावा 39वें नंबर पर रहा और परीक्षा परिणाम 80.43 प्रतिशत रहा। कुल मिलाकर26365 परीक्षार्थियों में से इसी प्रकार इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम की बात करें तो जिला इटावा 49वें नंबर पर था और परिणाम 80.75 प्रतिशत था।
-नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए शासन और प्रशासन ने कसी कमर
-एटीएफ सामूहिक नकल वाले केंद्रों की तैयारियों का पता लगाएगी