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कोरोना ने छीना बचपन: कानपुर में 11 बच्चे अनाथ, 98 के माता-पिता में से कोई एक बचा
Sat, 12 Jun 2021 10:46 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 12 Jun 2021 10:46 PM IST
सार
कोरोना की दूसरी लहर में 11 बच्चे अनाथ हुए हैं, जबकि 104 बच्चे ऐसे हैं, जिनके माता या पिता में से कोई एक बचा है। कुल 109 बच्चों का डाटा ‘बाल स्वराज’ पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : गूगल
विस्तार
कानपुर जिले में कोरोना की दूसरी लहर में 11 बच्चे अनाथ हुए हैं, जबकि 104 बच्चे ऐसे हैं, जिनके माता या पिता में से कोई एक बचा है। कुल 109 बच्चों का डाटा ‘बाल स्वराज’ पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। मंडल भर में ऐसे बच्चों की संख्या 148 है। इन बच्चों की सूचनाएं रिश्तेदारों, मोहल्ले वालों और खुद बच्चों या उनके अभिभावकों के जरिये प्रशासन तक पहुंची हैं। अनाथ बच्चों की सूचना देने से जो लोग रह गए हों, वे जिला प्रोबेशन कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं।
प्रदेश सरकार प्रतिमाह देगी चार हजार
योजना के तहत 10 वर्ष तक आयु के बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में चार हजार रुपये प्रति माह दिया जाएगा। 11 से 18 वर्ष तक आयु के बच्चों की कक्षा-12 तक निशुल्क शिक्षा अटल आवासीय विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में कराई जाएगी। तीन माह तक विद्यालय में अवकाश होने की दशा में प्रति माह चार हजार रुपये संरक्षक के खाते में दिए जाएंगे। इसी प्रकार सभी बालिकाओं की शादी के लिए एक लाख एक हजार की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
ये होंगे योजना के हकदार
इस योजना में 18 साल तक के ऐसे बच्चे शामिल किए जाएंगे, जिनके माता-पिता दोनों की मौत कोरोना से हो गई हो या फिर माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु एक मार्च 2020 के बाद कोरोना से हुई हो।
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प्रदेश सरकार प्रतिमाह देगी चार हजार
योजना के तहत 10 वर्ष तक आयु के बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में चार हजार रुपये प्रति माह दिया जाएगा। 11 से 18 वर्ष तक आयु के बच्चों की कक्षा-12 तक निशुल्क शिक्षा अटल आवासीय विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में कराई जाएगी। तीन माह तक विद्यालय में अवकाश होने की दशा में प्रति माह चार हजार रुपये संरक्षक के खाते में दिए जाएंगे। इसी प्रकार सभी बालिकाओं की शादी के लिए एक लाख एक हजार की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
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ये होंगे योजना के हकदार
इस योजना में 18 साल तक के ऐसे बच्चे शामिल किए जाएंगे, जिनके माता-पिता दोनों की मौत कोरोना से हो गई हो या फिर माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु एक मार्च 2020 के बाद कोरोना से हुई हो।
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इन अभिलेखों के साथ करें आवेदन
- बच्चे और वर्तमान अभिभावक की फोटो
- बच्चे का आयु प्रमाणपत्र
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
- माता-पिता या दोनों का मृत्यु प्रमाणपत्र (जैसी स्थिति होे)
- प्रदेश के निवासी होने का घोषणा पत्र
- शिक्षण संस्थान में पंजीकरण का प्रमाणपत्र (छह वर्ष से कम उम्र होने पर जरूरी नहीं)
- एकल माता या पिता के जीवित होने की स्थिति में आय प्रमाणपत्र (माता-पिता दोनों की मृत्यु होने पर आवश्यक नहीं)
- पहचान पत्र (इनमें से कोई एक - पैन, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पेंशनर फोटो आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक की पासबुक, पासपोर्ट, सरकारी नौकरी में हैं तो पहचानपत्र)।
- कोविड-19 से मृत्यु का साक्ष्य (एंटीजन या आरटीपीसीआर की रिपोर्ट के अलावा ब्लड टेस्ट व सीटी स्कैन से पुष्टि भी मानी जाएगी, निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी संबंधित लक्षणों से मौत हुई हो तो उसे भी इसी वर्ग में शामिल किया जाएगा)