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खेती में सहयोग कर आत्मनिर्भर बनें महिलाएं: राज्यमंत्री
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गोष्ठी को संबोधित करते राज्य मंत्री।
- फोटो : KANNAUJ
जलालाबाद। कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी में महिला आत्मनिर्भरता एवं सशक्तीकरण गोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल ने कहा कि महिलाएं खेती कर आत्मनिर्भर बनें।
राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई, कढ़ाई, पशुपालन, कोटेदारी को बढ़ावा दे रही है। महिलाएं मॉडल किचन गार्डन बनाकर अपना व अपने परिवार के पोषण का ध्यान रख सकेंगी। उन्होंने जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया।
इस दौरान पचपुखरा की महिला किसान मालती देवी ने मशरूम भेंट किए। अध्यक्षता कर रहे कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर डीआर सिंह ने कहा कि महिलाएं चिप्स, पापड़, मशरूम, मधुमक्खी पालन, दुग्ध उत्पादन अपनाकर स्वावलंबी बनें।
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उन्होंने पोषण वाटिका बनाकर सब्जियां उगाने की सीख दी। कृषि विज्ञान केंद्र के अधीक्षक डॉ. बीके कनौजिया ने राज्यमंत्री को परिसर में विभिन्न प्रकार के आलू व प्याज की फसल के बारे में जानकारी दी।
मुख्य अतिथि ने फसलों व सब्जियों के क्राफ्ट कैफेटेरिया और पाली हाउस को भी देखा। सह निदेशक प्रसार डॉक्टर सुभाष चंद्रा ने आभार जताया। इस अवसर पर निदेशक प्रसार डॉक्टर एके सिंह, संयुक्त शोध निदेशक डॉक्टर एके दुबे, उप कृषि निदेशक आरएन सिंह, डॉ, अमर सिंह यादव, डॉ. पूनम, डॉ. विनोद एवं नेडा के उप निदेशक सुनील वर्मा सहित केंद्र के सभी वैज्ञानिक एवं 100 से अधिक कृषक महिलाएं उपस्थित रहीं। संचालन डॉक्टर शशिकांत ने किया। वहीं पत्रकारों ने ऊर्जा राज्यमंत्री से बिजली कटौती व आए दिन फाल्ट से किसानों की सूख रहीं फसलों पर सवाल किया। राज्यमंत्री इस पर बोलने से बचते रहे।
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राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई, कढ़ाई, पशुपालन, कोटेदारी को बढ़ावा दे रही है। महिलाएं मॉडल किचन गार्डन बनाकर अपना व अपने परिवार के पोषण का ध्यान रख सकेंगी। उन्होंने जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया।
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इस दौरान पचपुखरा की महिला किसान मालती देवी ने मशरूम भेंट किए। अध्यक्षता कर रहे कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर डीआर सिंह ने कहा कि महिलाएं चिप्स, पापड़, मशरूम, मधुमक्खी पालन, दुग्ध उत्पादन अपनाकर स्वावलंबी बनें।
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उन्होंने पोषण वाटिका बनाकर सब्जियां उगाने की सीख दी। कृषि विज्ञान केंद्र के अधीक्षक डॉ. बीके कनौजिया ने राज्यमंत्री को परिसर में विभिन्न प्रकार के आलू व प्याज की फसल के बारे में जानकारी दी।
मुख्य अतिथि ने फसलों व सब्जियों के क्राफ्ट कैफेटेरिया और पाली हाउस को भी देखा। सह निदेशक प्रसार डॉक्टर सुभाष चंद्रा ने आभार जताया। इस अवसर पर निदेशक प्रसार डॉक्टर एके सिंह, संयुक्त शोध निदेशक डॉक्टर एके दुबे, उप कृषि निदेशक आरएन सिंह, डॉ, अमर सिंह यादव, डॉ. पूनम, डॉ. विनोद एवं नेडा के उप निदेशक सुनील वर्मा सहित केंद्र के सभी वैज्ञानिक एवं 100 से अधिक कृषक महिलाएं उपस्थित रहीं। संचालन डॉक्टर शशिकांत ने किया। वहीं पत्रकारों ने ऊर्जा राज्यमंत्री से बिजली कटौती व आए दिन फाल्ट से किसानों की सूख रहीं फसलों पर सवाल किया। राज्यमंत्री इस पर बोलने से बचते रहे।