{"_id":"4ec054b6a602d03287115d8c233713b3","slug":"with-no-irrigation-crops-were-dried-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंचाई न होने से सूख रहीं फसलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंचाई न होने से सूख रहीं फसलें
ब्यूरो/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Thu, 13 Aug 2015 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगला खगू के किसान कृष्णपाल सिंह जब खेत में फसल
विज्ञापन
देखने गए तो उनकी आंखों में आंसू आ गए। कारण खेत में खड़ी उनकी फसल सूख रही
है। एक तो बारिश नहीं हो रही, ऊपर से बिजली धोखा दे गई। ऐसे में वे अपनी
फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। यह कहानी एक-दो नहीं बल्कि इलाके के
सैकड़ों किसानों की है।
बहवलपुर उपकेंद्र से जुड़े कपूरपुर, हाथिन, तिलोकापुर, भाउलपुर, कसावा, गागिन नगला, भारापुर, पलिया बूंचपुर, तिगुडिय़ा, खगू नगला, भखमपुर सानी, मु़डिय़ा, नगला दुर्गा, नगला बल्देव, कठाहार और बिसमा सहित 100 से अधिक गांवों में नलकूप से ही सिंचाई होती है।
बिजली न मिलने से इन गांवों के सैकड़ों किसान बेहाल हैं। सिंचाई न हो पाने से हजारों बीघा फसल सूखने की कगार पर हैं, जबकि काफी फसलें सूख गई हैं। भाउलपुर के किसान रघुवेश श्रीवास्तव, हाथिन के वेद प्रकाश चौहान, गागिन नगला के संजय त्रिपाठी के अनुसार क्षेत्र में नहर और बंबा नहीं हैं, सिर्फ नलकूप से सिंचाई की जाती है।
भूमिगत जलस्तर काफी नीचे होने के कारण यह इलाका डार्क जोन कहा जाता है। ग्रामीण काफी समय से क्षेत्र में नहर की मांग कर रहे है, लेकिन आजतक सुनवाई नहीं है। बताया कि बिजली न मिलने से फसलें सूख रही हैं। इनका कहना है कि दो दिन में बमुश्किल दो घंटे बिजली मिल पा रही है।
ऐसे में ओवरलोड होने पर नलकूप नहीं चल पाता है। किसान कई घंटे खेत में बैठकर इंतजार करता है, फिर मायूस होकर घर लौट आते हैं। नगला खगू के किसान कृष्णपाल सिंह, दुर्गा नगला के महेंद्र प्रताप सिंह, वीरेंद्र सिंह चंदेल, तिगुडिय़ा के अवधेश पाल के अनुसार मक्का, धान, ज्वार और सब्जियों में अरबी, परवल, भिंडी सिंचाई के अभाव में सूख रही है। बारिश न होने से तिल, अरहर आदि फसलें भी मुरझा रही हैं।
बहवलपुर उपकेंद्र से जुड़े कपूरपुर, हाथिन, तिलोकापुर, भाउलपुर, कसावा, गागिन नगला, भारापुर, पलिया बूंचपुर, तिगुडिय़ा, खगू नगला, भखमपुर सानी, मु़डिय़ा, नगला दुर्गा, नगला बल्देव, कठाहार और बिसमा सहित 100 से अधिक गांवों में नलकूप से ही सिंचाई होती है।
बिजली न मिलने से इन गांवों के सैकड़ों किसान बेहाल हैं। सिंचाई न हो पाने से हजारों बीघा फसल सूखने की कगार पर हैं, जबकि काफी फसलें सूख गई हैं। भाउलपुर के किसान रघुवेश श्रीवास्तव, हाथिन के वेद प्रकाश चौहान, गागिन नगला के संजय त्रिपाठी के अनुसार क्षेत्र में नहर और बंबा नहीं हैं, सिर्फ नलकूप से सिंचाई की जाती है।
भूमिगत जलस्तर काफी नीचे होने के कारण यह इलाका डार्क जोन कहा जाता है। ग्रामीण काफी समय से क्षेत्र में नहर की मांग कर रहे है, लेकिन आजतक सुनवाई नहीं है। बताया कि बिजली न मिलने से फसलें सूख रही हैं। इनका कहना है कि दो दिन में बमुश्किल दो घंटे बिजली मिल पा रही है।
ऐसे में ओवरलोड होने पर नलकूप नहीं चल पाता है। किसान कई घंटे खेत में बैठकर इंतजार करता है, फिर मायूस होकर घर लौट आते हैं। नगला खगू के किसान कृष्णपाल सिंह, दुर्गा नगला के महेंद्र प्रताप सिंह, वीरेंद्र सिंह चंदेल, तिगुडिय़ा के अवधेश पाल के अनुसार मक्का, धान, ज्वार और सब्जियों में अरबी, परवल, भिंडी सिंचाई के अभाव में सूख रही है। बारिश न होने से तिल, अरहर आदि फसलें भी मुरझा रही हैं।