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सीएमओ को रोते हुए चालकों ने सौंपी एंबुलेंस की चाबी
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एंबुलेंस कर्मचारी और प्रशासनिक अफसरों के बीच वार्ता।
- फोटो : KANNAUJ
तिर्वा (कन्नौज)। प्रशासन के साथ एंबुलेंस चालकों की वार्ता विफल हो गई। मंगलवार शाम चालकों ने रोते हुए एंबुलेंस की चाबी सीएमओ को सौंप दी। कहा कि जब उनकी कद्र ही नहीं तो ऐसी जगह काम करने का कोई मतलब नहीं। एंबुलेंस चालक व एमटी के साथ करीब चार घंटे तक चली समझौता वार्ता विफल रही।
एंबुलेंस कर्मचारियों ने कंपनी बदल जाने के बाद मानदेय में हो रही कटौती सहित छह सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रखा। मरीजों को दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन ने समझौते के लिए पहल की। सीएमओ डॉ. विनोद कुमार समेत अन्य अधिकारी एंबुलेंस चालकों से हर ब्लाक के लिए तीन-तीन एंबुलेंस की मांग कर रहे थे। इस पर चालक नहीं माने। चालकों का कहना था कि चाबी लेनी है तो सभी एंबुलेंस की ले लीजिए। इसके बाद सभी ने अपनी-अपनी चाबी सीएमओ को सौंप दी। प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी चालकों से चाबी लेने के बाद दूसरे चालकों को बुलाकर एंबुलेंस दे दी। इसके बाद चालक रोते रहे। इनका कहना था कि पेट के लिए सभी मांग करते हैं। यहां प्रशासन किसी तरह की मांग नहीं मान रहा है। यह सरासर अन्याय है।
मंगलवार देर शाम इस मौके पर मेडिकल कालेज में तहसीलदार अनिल कुमार सरोज, एडिशनल सीएमओ धीरेंद्र आर्या, सीओ दीपक दुबे, कोतवाल शैलेंद्र कुमार ने भी कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने कहा कि कोवि ड संक्रमण को देखते हुए सभी कर्मचारी अपनी एंबुलेंस को चलाना शुरू कर दें। ऐसा नहीं करते तो कम से कम हर ब्लाक में दो एंबुलेंस को चलाना शुरू कर दें। चार घंटे तक प्रशासन व कर्मचारियों के बीच चली वार्ता के बाद कोई नतीजा नहीं निकला। इधर, एंबुलेंस चालक अभी भी हड़ताल पर कायम हैं। अब देखना है कि बुधवार को प्रशासन किस तरह की कार्रवाई करता है। या किस तरह एंबुलेंस संचालन कराता है।
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एंबुलेंस कर्मचारियों ने कंपनी बदल जाने के बाद मानदेय में हो रही कटौती सहित छह सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रखा। मरीजों को दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन ने समझौते के लिए पहल की। सीएमओ डॉ. विनोद कुमार समेत अन्य अधिकारी एंबुलेंस चालकों से हर ब्लाक के लिए तीन-तीन एंबुलेंस की मांग कर रहे थे। इस पर चालक नहीं माने। चालकों का कहना था कि चाबी लेनी है तो सभी एंबुलेंस की ले लीजिए। इसके बाद सभी ने अपनी-अपनी चाबी सीएमओ को सौंप दी। प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी चालकों से चाबी लेने के बाद दूसरे चालकों को बुलाकर एंबुलेंस दे दी। इसके बाद चालक रोते रहे। इनका कहना था कि पेट के लिए सभी मांग करते हैं। यहां प्रशासन किसी तरह की मांग नहीं मान रहा है। यह सरासर अन्याय है।
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मंगलवार देर शाम इस मौके पर मेडिकल कालेज में तहसीलदार अनिल कुमार सरोज, एडिशनल सीएमओ धीरेंद्र आर्या, सीओ दीपक दुबे, कोतवाल शैलेंद्र कुमार ने भी कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने कहा कि कोवि ड संक्रमण को देखते हुए सभी कर्मचारी अपनी एंबुलेंस को चलाना शुरू कर दें। ऐसा नहीं करते तो कम से कम हर ब्लाक में दो एंबुलेंस को चलाना शुरू कर दें। चार घंटे तक प्रशासन व कर्मचारियों के बीच चली वार्ता के बाद कोई नतीजा नहीं निकला। इधर, एंबुलेंस चालक अभी भी हड़ताल पर कायम हैं। अब देखना है कि बुधवार को प्रशासन किस तरह की कार्रवाई करता है। या किस तरह एंबुलेंस संचालन कराता है।
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