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कुपोषण से बचाव के तरीके बताए
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Tue, 05 Jan 2016 12:38 AM IST
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बाल स्वास्थ्य पोषण मिशन को सफल बनाने को आशा बहुओं
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का प्रशिक्षण विनोद दीक्षित चिकित्सालय में आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों
को लगाए जाने वाले टीके और कुपोषण से बचाने के तरीके बताए गए।
हेल्थ सुपरवाइजर श्रीभगवान ने सोमवार को आशा-बहुओं को बाल स्वास्थ्य पोषण मिशन के तहत आयोजित प्रशिक्षण के दौरान बताया कि आशा-बहुओं की इस योजना में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें गांव के हर बच्चे के खानपान व रहन-सहन के बारे में पूरी तरह से जानकारी है, इसलिए वह टीकाकरण समेत अन्य स्वास्थ्य संबधी कार्यक्रमों में भाग लेकर सफल बना सकती हैं।
उन्होंने बताया कि टीकाकरण के दौरान वह घर-घर जाकर बच्चों को बुलाकर बूथ तक लाएंगी। जहां एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी उसे बीमारियों से बचाने के संबंध में टीके लगाएंगी। यही नहीं आशा-बहू बच्चों के परिजनों को भी पोषण के संबंध में जागरूक करें।
उन्हें बताएं कि बच्चे को कुपोषण से मुक्त करने के लिए किन पोषक तत्वों को खिलाना है। यही नहीं विटामिन ए समेत अन्य दी जाने वाली खुराक के बारे में जानकारी देना है। गांव में फैलने वाली अन्य बीमारियों के संबंध में आशा-बहू ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ ही अपने अफसरों को भी सूचना दें।
ताकि अधिकारी गांव में पहुंचकर गंदगी से होने वाले रोगों से निजात दिलाने के लिए काम कर सकें। इस मौके पर अनीता कटियार, राम सिया, रानी देवी, रीमा, उमा देवी, रामप्यारी, फूलमती, कांती देवी, रुखसाना, बीना पाल समेत कई आशा बहुएं मौजूद रहीं।
हेल्थ सुपरवाइजर श्रीभगवान ने सोमवार को आशा-बहुओं को बाल स्वास्थ्य पोषण मिशन के तहत आयोजित प्रशिक्षण के दौरान बताया कि आशा-बहुओं की इस योजना में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें गांव के हर बच्चे के खानपान व रहन-सहन के बारे में पूरी तरह से जानकारी है, इसलिए वह टीकाकरण समेत अन्य स्वास्थ्य संबधी कार्यक्रमों में भाग लेकर सफल बना सकती हैं।
उन्होंने बताया कि टीकाकरण के दौरान वह घर-घर जाकर बच्चों को बुलाकर बूथ तक लाएंगी। जहां एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी उसे बीमारियों से बचाने के संबंध में टीके लगाएंगी। यही नहीं आशा-बहू बच्चों के परिजनों को भी पोषण के संबंध में जागरूक करें।
उन्हें बताएं कि बच्चे को कुपोषण से मुक्त करने के लिए किन पोषक तत्वों को खिलाना है। यही नहीं विटामिन ए समेत अन्य दी जाने वाली खुराक के बारे में जानकारी देना है। गांव में फैलने वाली अन्य बीमारियों के संबंध में आशा-बहू ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ ही अपने अफसरों को भी सूचना दें।
ताकि अधिकारी गांव में पहुंचकर गंदगी से होने वाले रोगों से निजात दिलाने के लिए काम कर सकें। इस मौके पर अनीता कटियार, राम सिया, रानी देवी, रीमा, उमा देवी, रामप्यारी, फूलमती, कांती देवी, रुखसाना, बीना पाल समेत कई आशा बहुएं मौजूद रहीं।