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Kannauj News: नरौरा से छूटा पानी, बढ़ा गंगा का जलस्तर
Thu, 13 Jul 2023 11:43 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Thu, 13 Jul 2023 11:43 PM IST
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कन्नौज। पिछले कई दिनाें से हो रही बारिश के बाद गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नरौरा बांध से भी पानी छोड़े जाने से पानी का बहाव तेज हो गया है। तेजबहाव से किनारे के हिस्से में कटान भी शुरू हो गया है। कन्नौज को हरदोई से जोड़ने वाले मेहंदीघाट पुल के खंभे भी आधे पानी से डूब चुके हैं। हालांकि अभी आबादी वाले हिस्से में पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन लोगों में घबराहट है।
पहाड़ी इलाकों और देश के उत्तरी हिस्से में आई बाढ़ के बाद नरौरा बांध से भी पानी छोड़े जाने से गंगा के जलस्तर में आई तेजी ने चिंता में डाल रखा है। सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से भी पानी गंगा में समा रहा है। इस कारण बहाव और तेज हो गया है। चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच चुके जलस्तर ने लोगों की धड़कनें बढ़ा दी है। प्रशासन की टीम भी इस पर नजर रख रही है।
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मेहंदीघाट की सीढि़यां डूबीं, श्रद्धालु परेशान
तीन जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई थी। तब कन्नौज और हरदोई दोनों ही किनारों पर गंगा का बहाव घाट से दूर था। ऐसे में श्रद्धालुओं को डुबकी लगाने के लिए काफी पैदल चलना पड़ा था। मेहंदीघाट की सीढि़यां साफ दिख रही थीं। अब नजारा बदल चुका है। मेहंदीघाट की करीब सभी सीढि़यां डूब चुकी हैं। आगे खिसका चुका गंगा और काली का संगम भी पहले की ही तरह मेहंदीघाट के पास ही हो गया है।
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कासिमपुर के लोगों की बढ़ी धड़कनें
हालांकि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं, लेकिन गंगा किनारे बसे कासिमपुर के बाशिंदों की धड़कनें बढ़ गई है। अमूमन हर साल जलस्तर बढ़ने पर गंगा का बहाव गांव में पहुंच जाता है, इससे गांव के लोगों को परेशानी होती है। हालांकि अभी गंगा की धारा गांव से दूर है, ऐसे में खतरे जैसी कोई बात नहीं है। फिर भी प्रशासन की ओर से गांव के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।
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पहाड़ी इलाकों और देश के उत्तरी हिस्से में आई बाढ़ के बाद नरौरा बांध से भी पानी छोड़े जाने से गंगा के जलस्तर में आई तेजी ने चिंता में डाल रखा है। सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से भी पानी गंगा में समा रहा है। इस कारण बहाव और तेज हो गया है। चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच चुके जलस्तर ने लोगों की धड़कनें बढ़ा दी है। प्रशासन की टीम भी इस पर नजर रख रही है।
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मेहंदीघाट की सीढि़यां डूबीं, श्रद्धालु परेशान
तीन जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई थी। तब कन्नौज और हरदोई दोनों ही किनारों पर गंगा का बहाव घाट से दूर था। ऐसे में श्रद्धालुओं को डुबकी लगाने के लिए काफी पैदल चलना पड़ा था। मेहंदीघाट की सीढि़यां साफ दिख रही थीं। अब नजारा बदल चुका है। मेहंदीघाट की करीब सभी सीढि़यां डूब चुकी हैं। आगे खिसका चुका गंगा और काली का संगम भी पहले की ही तरह मेहंदीघाट के पास ही हो गया है।
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कासिमपुर के लोगों की बढ़ी धड़कनें
हालांकि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं, लेकिन गंगा किनारे बसे कासिमपुर के बाशिंदों की धड़कनें बढ़ गई है। अमूमन हर साल जलस्तर बढ़ने पर गंगा का बहाव गांव में पहुंच जाता है, इससे गांव के लोगों को परेशानी होती है। हालांकि अभी गंगा की धारा गांव से दूर है, ऐसे में खतरे जैसी कोई बात नहीं है। फिर भी प्रशासन की ओर से गांव के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।