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जर्जर सड़कें, गंदा पानी बना गांवों की कहानी

Tue, 06 Jan 2015 12:03 AM IST
अमर उजाला, ब्यूरो, कन्नौज
अमर उजाला, ब्यूरो, कन्नौज Updated Tue, 06 Jan 2015 12:03 AM IST
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villages made the story of dirty water
कुसुमखोर-जलालाबाद मार्ग पर मुख्य मार्केट में जलभराव से दुकानदार व राहगीर परेशान हैं। नाला चोक होने के कारण गंदा पानी रास्ते में भरा है। इससे दुर्गंध उठ रही है। गंदगी व जलभराव के कारण मार्केट में खरीददारों ने आना कम कर दिया है।
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जसोदा निवासी रज्जन यादव, सीटू कुशवाहा, गिरीश चंद्र, जितेंद्र गुप्ता, अजय सिंह, भइयन यादव, लालू कटियार ने बताया कि जीटी रोड से कुसुमखोर गंगा नदी तक जाने वाला मार्ग पर रोजाना हजारों लोग आवागमन करते हैं। कुसुमखोर में पीपों का पुल बन जाने के कारण हरदोई जिले के लोगों का भी इसी रास्ते से आना-जाना रहता है।
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जसोदा कसबे में सदर बाजार में कई दिनों से जलभराव है। क्योंकि सदर बाजार में पानी के निकास के लिए बना नाला कचरे से पट गया है। कई महीने से नाले की सफाई नहीं कराई गई है, जिस कारण नाला चोक हो गया है।
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इससे लोगों का निकलना मुश्किल है।

पैदल आने-जाने वालों को गंदे पानी से मंझाकर निकलना पड़ रहा है। वहीं चौपहिया वाहन सवार पानी भरा होने के कारण गड्ढों की गहराई का अंदाजा न लगा पाने के कारण अक्सर बीच रास्ते में दुर्घटनाग्रस्त होकर खड़े हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की समस्या का समाधान कराने के लिए कई बार मांग की गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

आज-कल कहकर टरका दिया जाता है। इससे दुकानदारी चौपट हो गई है। लोगों ने एक हफ्ते में नाला सफाई व जल निकासी की समस्या से छुटकारा न मिलने पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

क्षेत्र के गांव गोवा में गलियों से लेकर मुख्य सड़क तक जलभराव व गंदगी का अंबार लगा है। इससे ग्रामीणों को आवागमन मे परेशानी हो रही है। शिकायत के बावजूद प्रधान से लेकर सचिव तक ने अनदेखी की। इसके ग्रामीणों में आक्रोश है।

ग्रामीण मिथलेश कुमार, राहुल कुमार, रामनाथ, कन्हैयालाल, राजू, अन्नू दुबे, राजेंद्र बाबू समेत दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि गांव की कई गलियों रास्ते जर्जर हो चुके हैं। नालियां टूटी हैं। कई गलियों में कच्ची होने के कारण कीचड़ भरा है। वहीं जगह-जगह पाइप लाइन लीकेज होने से गलियों में जलभराव हो जाता है।

इससे दूषित जलापूर्ति होने के साथ ही लोगों को आवागमन में मुश्किलें आ रही हैं। प्रधान से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुधार नहीं कराया गया। बीते दिनों हुई बारिश का पानी अब तक रास्ते में भरा है, जिससे पैदल तक निकलना दुश्वार हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द ही समस्या के समाधान के लिए डीएम, सीडीओ व डीपीआरओ को पत्र भेजेंगे। इसके बावजूद कुछ न हुआ तो प्रदर्शन किया जाएगा।

दाईपुर में सफाई व्यवस्था चौपट
कन्नौज। सफाई के अभाव में दाईपुर गांव के ग्रामीण परेशान हैं। जगह-जगह जलभराव से आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव निवासी अधिवक्ता मलिखान सिंह यादव का कहना है कि गांव में सफाई व्यवस्था धड़ाम है। नालियां कीचड़ से उफनाई रहती हैं। इससे गलियों से गुजरना मुश्किल है। कई बार ग्रामप्रधान व ग्रामपंचायत अधिकारी से शिकायत की लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।

करीब एक दशक पहले बसपा सरकार में शुरू हुआ ग्राम नहला के सड़क निर्माण का काम आज तक पूरा नहीं हो पाया है। तब से अब तक दो बार सरकारें बदल गईं, लेकिन महज चार किमी इस रोड पर अभी तक सिर्फ गिट्टी डालने का काम ही पूरा हो सका है।

विकास खंड सौरिख के तीन प्रमुख गांव नहला (60 घर), मुड़ियननगला (70 घर), जमुनीढ़ाड़ी (150 घर) इसी रोड पर है। इनकी आबादी करीब दो हजार है। मिट्टी और कीचड़ वाली सड़क से आजिज ग्रामीणों ने निर्माण की आवाज उठाई तो एक दशक पहले रोड का निर्माण कार्य शुरू हुआ।

मिट्टी समतल करने के बाद उस पर गिट्टी डाली जाने लगी। गांव के गजेंद्र सिंह, कमलेश सिंह, अमर सिंह का कहना है कि लगभग एक दशक से सड़क का निर्माण चालू है। तब से अब तक सड़क पर डामर नहीं डाला जा सका है। पातीराम पाल, शिशुपाल, मलखान पाल ने बताया पांच दिन काम होने के बाद करीब एक महीने तक बंद रहा।

इसके बाद इधर दो साल से निर्माण कार्य एक दम ठप है। सड़क पर बड़ी-बड़ी गिट्टी पड़ी होने के कारण साइकिल, पैदल चलना मुश्किल हो गया है। आए दिन हादसे होते हैं। मजबूर होकर लोगों को कई किमी दूरी तय करके दूसरे रास्तों से निकलना पड़ रहा है। बहुत जरूरी काम पड़ने पर ही लोग छिबरामऊ, सौरिख आदि मार्केट जाते हैं।

सोमवार को ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। जमुनीढाड़ी के पूर्व प्रधान परशुराम शाक्य, महेश सिंह, रघुवीर सिंह, कलक्टर सिंह, अनुज कुमार सिंह, बीरेंद्र सिंह बैस, रामपाल सिंह आदि ने कहा सड़क का जल्द निर्माण न हुआ तो विरोध प्रदर्शन को मजबूर होंगे।  

मेडिकल कालेज पहुंचना होगा आसान  
गांव के लोगों का कहना है मौजूदा समय में मरीजों को अस्पताल ले जाने में काफी परेशानी होती है। सड़क निर्माण के बाद शरीफपुर, बिकुपुर और खड़िनी क्षेत्र के लगभग 50 से अधिक गांव सीधा सैफई मेडिकल कालेज से जुड़ जाएगे। इसके साथ ही इटावा, ग्वालियर जाने वालों को भी काफी राहत मिलेगी।


खस्ताहाल रास्तों से निजात मिल जाएगी। गांव के देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया सड़क का निर्माण हो और उसे निर्माणाधीन बझेड़ी पुल से जोड़ा जाए। ऐसे में आसपास के सभी गांवों को राहत मिलेगी। वर्तमान समय में तो सड़क से पैदल चलना मुश्किल है।
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