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एक मां है जिसके लब पर बद्दुआ नहीं है..
अमर उजाला ब्यूरो/कन्नौज
Updated Mon, 23 May 2016 12:19 AM IST
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रौनक जहां।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
क्षेत्र के गांव गदनापुर स्थित बाबा सैय्यद शाह रहमतुल्लाह अलैह का 22वां दो दिवसीय सालाना उर्स धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान महफिल-ए-शमा का आयोजन हुआ। इसमें शायरों ने कव्वाली से सभी का मन मोह लिया। रविवार सुबह कुल शरीफ के बाद उर्स का समापन हो गया। उर्स का शुभारंभ सदर विधायक अनिल दोहरे ने फीता काटकर किया। सुबह से दरगाह पर अकीदतमंदों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। इस दौरान दरगाह परिसर में लगे मेले लोगों ने खूब खरीदारी की।
शाम चार बजे अकीदतमंद चादर लेकर दरगाह पहुंचे और शाम आठ बजे जवाबी कव्वाली का प्रोग्राम शुरू हो गया। कव्वाली में कानपुर से आए कव्वाल कलाकार शरीफ परवाज ने मुझे याद आते हैं नबी नबी.. पेश किया।
इसके बाद हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरह बस एक बार मुलाकात का मौका दे दे...गजल सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी। वहीं क्या बताएं दिल कितना बेकरार होता है, तीर जब हसीनों का दिल के पार होता है... वहीं बनारस से शिरकत करने आईं कव्वाल रौनक जहां ने मैं एक खूब जानतीं हू तू मेरा खुदा नहीं है, एक मां है जिसके लब पर बद्दुआ नहीं है.. को सभी ने खूब सराहा। पूरी रात चली महफिल में लोगों ने कव्वाली का लुफ्त उठाया और कलाकारों का हौसला बढ़ाया।
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उर्स को बेहतर ढंग से संपन्न कराने के लिए नौजवान उर्स कमेटी सतौरा-गदनापुर के सदर मोहम्मद यूनुस, जमाल खां, संजीव कुमार दुबे प्रधान, प्रताप नारायण त्रिपाठी, जुम्मन खरीफा, आरिफ खां, असलम खां, अवधेश सविता, प्रमोद कुमार तिवारी, कमाल खां, सत्तार अली, फिरोज मंसूरी आदि ने सहयोग किया।
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शाम चार बजे अकीदतमंद चादर लेकर दरगाह पहुंचे और शाम आठ बजे जवाबी कव्वाली का प्रोग्राम शुरू हो गया। कव्वाली में कानपुर से आए कव्वाल कलाकार शरीफ परवाज ने मुझे याद आते हैं नबी नबी.. पेश किया।
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इसके बाद हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरह बस एक बार मुलाकात का मौका दे दे...गजल सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी। वहीं क्या बताएं दिल कितना बेकरार होता है, तीर जब हसीनों का दिल के पार होता है... वहीं बनारस से शिरकत करने आईं कव्वाल रौनक जहां ने मैं एक खूब जानतीं हू तू मेरा खुदा नहीं है, एक मां है जिसके लब पर बद्दुआ नहीं है.. को सभी ने खूब सराहा। पूरी रात चली महफिल में लोगों ने कव्वाली का लुफ्त उठाया और कलाकारों का हौसला बढ़ाया।
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उर्स को बेहतर ढंग से संपन्न कराने के लिए नौजवान उर्स कमेटी सतौरा-गदनापुर के सदर मोहम्मद यूनुस, जमाल खां, संजीव कुमार दुबे प्रधान, प्रताप नारायण त्रिपाठी, जुम्मन खरीफा, आरिफ खां, असलम खां, अवधेश सविता, प्रमोद कुमार तिवारी, कमाल खां, सत्तार अली, फिरोज मंसूरी आदि ने सहयोग किया।