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Kannauj News: तीन पेज का सुसाइड नोट फॉरेंसिक जांच भेजा
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खड़िनी। विकास खंड हसेरन की ग्राम पंचायत राजपुर के पंचायत सचिवालय में पंचायत सहायक बीपी सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। बुधवार को पुलिस ने घटनास्थल से बरामद तीन पन्नों के सुसाइड नोट समेत अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा है।
खड़िनी चौकी क्षेत्र के निजामपुर राजपुर ग्राम सभा निवासी दिव्यांग रामनारायण कठेरिया के पुत्र बीपी सिंह (24) संविदा पर पंचायत सहायक के पद पर तैनात थे। मंगलवार को उनका शव पंचायत सचिवालय के मीटिंग हॉल में पंखे से प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटकता मिला था। घटना से पहले बीपी सिंह ने ब्लॉक हसेरन के पंचायत सहायक ग्रुप पर तीन पन्नों का सुसाइड नोट पोस्ट किया था, जो बाद में कमरे से भी बरामद हुआ था।
सुसाइड नोट में गांव के ही कुछ लोगों द्वारा जातिसूचक गालियां देने, बदनाम करने और लगातार प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया था। पिता रामनारायण की तहरीर पर पुलिस ने गांव की दिव्या शाक्य, उसके रिश्तेदार परमजीत, मौसी के लड़के शिवा, रोजगार सेवक बृजेश उर्फ बृजेंद्र, पंकज शाक्य, अनिकेत और मोनू समेत अन्य अज्ञात पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पोस्टमार्टम के बाद मेहंदी घाट पर गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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पुलिस ने घटनास्थल का पुनः मुआयना किया और लिखावट के मिलान व तथ्यों की पुष्टि के लिए सुसाइड नोट को फॉरेंसिक लैब भेजा। थानाध्यक्ष नागेंद्र चौधरी ने बताया कि नामजद आरोपियों की तलाश और साक्ष्यों के संकलन की कार्रवाई जारी है। वहीं, युवक की मौत से गांव में मातम है।
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खड़िनी चौकी क्षेत्र के निजामपुर राजपुर ग्राम सभा निवासी दिव्यांग रामनारायण कठेरिया के पुत्र बीपी सिंह (24) संविदा पर पंचायत सहायक के पद पर तैनात थे। मंगलवार को उनका शव पंचायत सचिवालय के मीटिंग हॉल में पंखे से प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटकता मिला था। घटना से पहले बीपी सिंह ने ब्लॉक हसेरन के पंचायत सहायक ग्रुप पर तीन पन्नों का सुसाइड नोट पोस्ट किया था, जो बाद में कमरे से भी बरामद हुआ था।
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सुसाइड नोट में गांव के ही कुछ लोगों द्वारा जातिसूचक गालियां देने, बदनाम करने और लगातार प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया था। पिता रामनारायण की तहरीर पर पुलिस ने गांव की दिव्या शाक्य, उसके रिश्तेदार परमजीत, मौसी के लड़के शिवा, रोजगार सेवक बृजेश उर्फ बृजेंद्र, पंकज शाक्य, अनिकेत और मोनू समेत अन्य अज्ञात पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पोस्टमार्टम के बाद मेहंदी घाट पर गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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पुलिस ने घटनास्थल का पुनः मुआयना किया और लिखावट के मिलान व तथ्यों की पुष्टि के लिए सुसाइड नोट को फॉरेंसिक लैब भेजा। थानाध्यक्ष नागेंद्र चौधरी ने बताया कि नामजद आरोपियों की तलाश और साक्ष्यों के संकलन की कार्रवाई जारी है। वहीं, युवक की मौत से गांव में मातम है।