उमर्दा में 12 घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंत में खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को फोन से वार्ता करके हस्तक्षेप करना पड़ा। सीएम के दखल के बाद तिर्वा विधानसभा क्षेत्र प्रभारी अजय वर्मा मान गए। उमर्दा में क्षेत्र पंचायत प्रमुख पद के लिए शुक्रवार को चार उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे।
सपा के घोषित प्रत्याशी इंद्रेश यादव के खिलाफ सपा के ही तिर्वा विधानसभा क्षेत्र प्रभारी व पूर्व जिला पंचायत सदस्य अजय वर्मा और उनकी पत्नी ज्योत्सना वर्मा ने भी नामांकन दाखिल किया था। इसे लेकर सपा की सियासत गरमा गई थी। शुक्रवार की रात से ही दोनों पक्षों के मध्य सुलह कराने के लिए जिले की समाजवादी पार्टी के तमाम दिग्गज नेता तिर्वा पहुंचकर पंचायत करने में जुट गए।
सपा के तिर्वा कार्यालय में मध्य रात तक दिग्गज सपाई दोनों को मनाने में जुटे गए। दोनों ही अपनी-अपनी जीत का दावा करते रहे। किसी के भी पीछे न हटने की जिद पर सुबह तक कोई हल नहीं निकला। दोपहर 11 बजे उमर्दा ब्लाक परिसर में प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल, सदर विधायक अनिल दोहरे, जिलाध्यक्ष मुन्ना दारोगा, पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव आदि नेताओं ने पहुंचकर दोनों के बीच पुन: वार्ता शुरू कराई।
इस पर अजय वर्मा ने तर्क रखा कि खुद सीएम यदि फोन पर उनसे वार्ता करके मना करेंगे तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनकी इस शर्त को देख कई सपा नेताओं ने सीएम को फोन लगाने शुरू किए। करीब एक घंटे तक प्रयास चलता रहा। इसके बाद दिग्गजों ने सीएम को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
इस पर सीएम ने अजय वर्मा से फोन
पर ही वार्ता की और इंद्रेश के समर्थन में पर्चा वापस लेने को कहा। सीएम का
निर्देश मिलते ही अजय ने खुद और अपनी पत्नी ज्योत्सना वर्मा को बुलाकर
नामांकन पत्र वापस ले लिया। यह दोनों पर्चे वापस होने के बाद भाजपा
प्रत्याशी सुनीता देवी का नामांकन निर्विरोध निर्वाचन के रास्ते में रोड़ा
बन रहा था।
तब कुछ सपा नेताओं ने फोन पर भाजपा प्रत्याशी के पति अजब सिंह
से वार्ता की। करीब आधा घंटे तक सुनीता देवी अपने पति के साथ ब्लाक परिसर
पहुंचीं। यहां उन्होंने भी दो बजकर 50 मिनट पर अपना नामांकन वापस ले लिया।
ऐसा होते ही इंद्रेश के निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुने जाने का रास्ता साफ हो
गया। उनके समर्थकों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। कार्यकर्ताओं ने
अजय वर्मा के समर्थन में भी नारे लगाए।