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Kannauj News: छात्रा से दुष्कर्म में दो को पांच-पांच साल की कैद
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कन्नौज। पॉक्सो एक्ट के मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी मानते हुए पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह घटना 22 फरवरी 2018 को राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा की तीसरी मंजिल पर हुई थी। पीड़िता ने कोतवाली तिर्वा में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह बीएससी की छात्रा है और मेडिकल कॉलेज में दवा लेने गई थी। उसी समय तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के टूसावारी निवासी संजीव उर्फ संदीप और नुनारी गांव निवासी रामनिवास उसे घुमाने के बहाने तीसरी मंजिल पर ले गए। वहां गैलरी में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर 20 जनवरी 2020 को दोनों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के न्यायालय में छह गवाहों के बयान दर्ज हुए। पीड़िता और परिजनों के बयान के साथ ही मेडिकल रिपोर्ट को आधार बनाया गया। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी माना। हालांकि, सुनवाई के दौरान नौ अगस्त 2020 को पीड़ित छात्रा की मौत हो चुकी थी। अदालत ने दोषियों को पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की कुल 50 हजार रुपये की राशि क्षतिपूर्ति के लिए पीड़िता के पिता को दी जाएगी।
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यह घटना 22 फरवरी 2018 को राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा की तीसरी मंजिल पर हुई थी। पीड़िता ने कोतवाली तिर्वा में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह बीएससी की छात्रा है और मेडिकल कॉलेज में दवा लेने गई थी। उसी समय तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के टूसावारी निवासी संजीव उर्फ संदीप और नुनारी गांव निवासी रामनिवास उसे घुमाने के बहाने तीसरी मंजिल पर ले गए। वहां गैलरी में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर 20 जनवरी 2020 को दोनों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के न्यायालय में छह गवाहों के बयान दर्ज हुए। पीड़िता और परिजनों के बयान के साथ ही मेडिकल रिपोर्ट को आधार बनाया गया। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी माना। हालांकि, सुनवाई के दौरान नौ अगस्त 2020 को पीड़ित छात्रा की मौत हो चुकी थी। अदालत ने दोषियों को पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की कुल 50 हजार रुपये की राशि क्षतिपूर्ति के लिए पीड़िता के पिता को दी जाएगी।
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