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Kannauj News: पुलिस ने कांग्रेसियों से छीना सीईसी का पुतला, नोकझोंक-नारेबाजी
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फाेटो :19: कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बहस करते प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह। संवाद
कन्नौज। कांग्रेस कमेटी ने रविवार को एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष मो. शाकिर हुसैन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकने का प्रयास किया। पुलिस ने पुतला छीन लिया, जिससे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई।
कांग्रेसियों ने नसरापुर स्थित अंबेडकर प्रतिमा से निर्वाचन कार्यालय कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला। मो. शाकिर हुसैन ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए करीब 13 करोड़ वोट काट दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि फॉर्म छह में गलत बदलाव किए गए हैं। अनजान लोगों द्वारा फॉर्म सात के जरिये नाम कटवाए जा रहे हैं। मो. शाकिर हुसैन ने बताया कि इस असंवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ 14 बार आपत्ति दर्ज कराई गई। मुख्य चुनाव आयुक्त और मुख्य सचिव को शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त किसी के इशारे पर लोकतंत्र और संविधान के विरुद्ध काम कर रहे हैं। कांग्रेसियों ने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल में बनी सरकारों को असंवैधानिक बताया।
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कलेक्ट्रेट गेट पर पुलिस ने पुतला दहन रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कांग्रेसियों और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेसियों ने पुलिस पर सांविधानिक अधिकार छीनने का आरोप लगाया। करीब 15 मिनट तक हंगामा चलता रहा, जिसके बाद पुलिस ने पुतला छीन लिया। मो. शाकिर हुसैन ने कहा, लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना हमारा अधिकार है, जिसे पुलिस दबा रही है।
प्रदर्शन में पूर्व प्रदेश सचिव विजय मिश्र, चिकित्सा प्रकोष्ठ के महासचिव डॉ. जहीर अहमद रिजवी, प्रमोद शाक्य, एहसानुल हक, शमशाद खान, मो. आमिर अंसारी, असगर हुसैन, पुष्पेंद्र पांडेय, अमोल दीक्षित, मो. आरिफ खान, राजकुमार यादव, अरविंद दुबे, तारिक बशीर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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कांग्रेसियों ने नसरापुर स्थित अंबेडकर प्रतिमा से निर्वाचन कार्यालय कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला। मो. शाकिर हुसैन ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए करीब 13 करोड़ वोट काट दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि फॉर्म छह में गलत बदलाव किए गए हैं। अनजान लोगों द्वारा फॉर्म सात के जरिये नाम कटवाए जा रहे हैं। मो. शाकिर हुसैन ने बताया कि इस असंवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ 14 बार आपत्ति दर्ज कराई गई। मुख्य चुनाव आयुक्त और मुख्य सचिव को शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
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उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त किसी के इशारे पर लोकतंत्र और संविधान के विरुद्ध काम कर रहे हैं। कांग्रेसियों ने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल में बनी सरकारों को असंवैधानिक बताया।
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कलेक्ट्रेट गेट पर पुलिस ने पुतला दहन रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कांग्रेसियों और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेसियों ने पुलिस पर सांविधानिक अधिकार छीनने का आरोप लगाया। करीब 15 मिनट तक हंगामा चलता रहा, जिसके बाद पुलिस ने पुतला छीन लिया। मो. शाकिर हुसैन ने कहा, लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना हमारा अधिकार है, जिसे पुलिस दबा रही है।
प्रदर्शन में पूर्व प्रदेश सचिव विजय मिश्र, चिकित्सा प्रकोष्ठ के महासचिव डॉ. जहीर अहमद रिजवी, प्रमोद शाक्य, एहसानुल हक, शमशाद खान, मो. आमिर अंसारी, असगर हुसैन, पुष्पेंद्र पांडेय, अमोल दीक्षित, मो. आरिफ खान, राजकुमार यादव, अरविंद दुबे, तारिक बशीर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

फाेटो :19: कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बहस करते प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह। संवाद