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वजीफे के लिए भटक रहे दलित छात्र
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Fri, 26 Jun 2015 11:23 PM IST
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पूर्व दशम और दशमोत्तर में अनुसूचित जाति व सामान्य जाति के छात्र-छात्राओं को वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। विभाग यह कहकर पल्ला झाड़ रहा है कि शासन स्तर से ही धनराशि नहीं भेजी गई है। वजीफा व शुल्क प्रतिपूर्ति कब तक खाते में पहुंचेगी, इसका स्पष्ट जवाब विभागीय अधिकारी व कर्मचारी नहीं दे पा रहे हैं।
जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय के अनुसार कक्षा 9 व 10 में वजीफा के लिए अनुसूचित जाति के 3745 छात्रों को पात्र पाया गया था। इनमें से अब तक मात्र तीन छात्रों के खाते में ही वजीफा की धनराशि पहुंची है। इसी तरह सामान्य जाति में 565 छात्रों को वजीफा के लिए पात्र पाया गया था। इनमें से 185 को ही वजीफा का रुपया मिल सका है। शेष छात्र कभी कालेज, कभी बैंक तो कभी विकास भवन स्थित जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
इसी तरह दशमोत्तर (कक्षा 10 व आगे की कक्षाओं) में अनुसूचित जाति में 6417 विद्यार्थियों को वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए चयनित किया गया था। इनमें से 6031 छात्रों के खाते में वजीफा व शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम पहुंच गई है। जबकि 386 छात्र-छात्राओं को फूटी कौड़ी तक नहीं मिल सकी है।
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वहीं सामान्य वर्ग में 5096 छात्र-छात्राओं में से 3323 को ही शुल्क प्रतिपूर्ति व वजीफा मिल सका है। शेष 1773 विद्यार्थी वजीफे व शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित हैं। नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को रुपयों की जरूरत है। इसके बावजूद शुल्क प्रतिपूर्ति व वजीफा न मिलने से इनके परिवार को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेद्र कुमार गौतम का कहना है कि जल्द ही बजट आवंटन की उम्मीद है। इसके बाद अवशेष छात्रों को वजीफा व शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि प्राप्त हो जाएगी।
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जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय के अनुसार कक्षा 9 व 10 में वजीफा के लिए अनुसूचित जाति के 3745 छात्रों को पात्र पाया गया था। इनमें से अब तक मात्र तीन छात्रों के खाते में ही वजीफा की धनराशि पहुंची है। इसी तरह सामान्य जाति में 565 छात्रों को वजीफा के लिए पात्र पाया गया था। इनमें से 185 को ही वजीफा का रुपया मिल सका है। शेष छात्र कभी कालेज, कभी बैंक तो कभी विकास भवन स्थित जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
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इसी तरह दशमोत्तर (कक्षा 10 व आगे की कक्षाओं) में अनुसूचित जाति में 6417 विद्यार्थियों को वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए चयनित किया गया था। इनमें से 6031 छात्रों के खाते में वजीफा व शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम पहुंच गई है। जबकि 386 छात्र-छात्राओं को फूटी कौड़ी तक नहीं मिल सकी है।
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वहीं सामान्य वर्ग में 5096 छात्र-छात्राओं में से 3323 को ही शुल्क प्रतिपूर्ति व वजीफा मिल सका है। शेष 1773 विद्यार्थी वजीफे व शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित हैं। नया शैक्षिक सत्र शुरू हो गया है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को रुपयों की जरूरत है। इसके बावजूद शुल्क प्रतिपूर्ति व वजीफा न मिलने से इनके परिवार को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेद्र कुमार गौतम का कहना है कि जल्द ही बजट आवंटन की उम्मीद है। इसके बाद अवशेष छात्रों को वजीफा व शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि प्राप्त हो जाएगी।