अबकी बूथ नहीं बनाएंगे लेखपाल
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लेखपाल संघ ने 53वां स्थापना दिवस सदर तहसील सभागार में मनाया। इसमें जिला
शनिवार
को संगठन के स्थापना दिवस पर लेखपालों ने कहा कि संघ को और मजबूत किया
जाए। पदाधिकारियों व सदस्यों ने जिला प्रशासन व तहसील प्रशासन की ओर से
लेखपालों पर की जा रही उत्पीड़न की कार्रवाई की निंदा की गई। मांग की कि
निलंबित लेखपालों को सवेतन बहाल किया जाए। इससे काम में बाधा भी नहीं आएगी।
लेखपालों ने कहा कि वैसे भी 40 फीसदी पद रिक्त हैं, इसके बाद भी लेखपालों
पर कार्रवाई की जाती है, इससे कामकाज प्रभावित होता है। लेखपालों ने कहा कि
काम की अधिकता से गलतियां भी होती हैं, पर प्रशासन सहयोग करने की बजाय
कार्रवाई कर देता है।
छह नवंबर को दिए पत्र पर चर्चा करते हुए कहा गया कि
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची के परिवर्धन, संशोधन व विलोपन
के कार्यों का बहिष्कार कार्यकारिणी कर रही, पर तहसील प्रशासन भयभीत व दबाव
बनाकर काम करा रहा है।
कहा गया कि अन्य जिलों में लेखपालों से काम नहीं
कराए जा रहे हैं। गलत नीतियों से लेखपाल चुनाव बूथ का निर्माण नहीं
करेंगे। इससे पहले चुनाव के कार्य खंड विकास कार्यालयों की ओर से कराए गए
हैं। आय, जाति व मूल निवास प्रमाण पत्रों को बनाने के लिए इस समय इंटरनेट व
वेबसाइट सही ढंग से काम नहीं कर रही है।
इससे रिपोर्ट लगाने में दिक्कत
होती है। प्रशासन इस कमी को दूर नहीं करा रहा है। उनकी समस्याओं को जल्द न
दूर किया गया तो संगठन आंदोलन को बाध्य होगा। इस मौके पर राज्य कर्मचारी
संयुक्त परिषद जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक सविता, जिला महामंत्री सोवरन लाल भारती,
परशुराम वर्मा, विजयकांत, रामजीवन, बृजनंदन यादव, सुखपाल सिंह,
नरेंद्र सिंह, राकेश कुमार, अनिल अवस्थी, सुरेंद्र यादव, मनमोहन कुशवाहा
आदि मौजूद थे।